नेशनल कान्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला को श्रीनगर में हिरासत में रखे जाने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा में सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनुरोध किया कि वे सरकार को फारुक अब्दुल्ला को फौरन रिहा करने का आदेश दें. इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया.

पीटीआई के मुताबिक संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस, नेशनल कान्फ्रेंस, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए. उन्होंने ‘फारूक अब्दुल्ला को वापस लाओ’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के नारे लगाए. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल शुरू किया. उन्होंने इस दौरान विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने का आग्रह करते हुए कहा कि वे हर विषय पर चर्चा को तैयार हैं और सदन में नारेबाजी नहीं होनी चाहिए. लेकिन कांग्रेस, द्रमुक, नेशनल कान्फ्रेंस के सदस्य आसन के पास नारेबाजी करते रहे.

प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद अध्यक्ष ने कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी को उनकी बात रखने का मौका दिया. इस दौरान हंगामा कर रहे सदस्य अपनी सीटों पर जाकर बैठ गये. अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पांच अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने सदन को आश्वासन दिया था कि फारुक अब्दुल्ला को हिरासत में नहीं लिया गया है और उनकी सेहत खराब है, लेकिन वे 108 दिन से हिरासत में हैं. अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘यह अन्याय और जुल्म क्यों?’ उन्होंने मांग की कि नेशनल कान्फ्रेंस नेता अब्दुल्ला को तत्काल रिहा कर सदन में लाया जाए.

उधर, लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब गृह मंत्री ने सदन में कहा था कि फारूक अब्दुल्ला को हिरासत में नहीं लिया गया है तो यह बात सच थी क्योंकि तब तक सदन को उनके हिरासत में रखे जाने की कोई सूचना नहीं थी. नेशनल कान्फ्रेंस के हसनैन मसूदी ने कहा कि फारुक अब्दुल्ला न्यायिक हिरासत में नहीं हैं, बल्कि जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत एहतियातन हिरासत में हैं इसलिए लोकसभा अध्यक्ष सरकार को उन्हें रिहा करने का आदेश दे सकते हैं. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सभी दलों के नेता आज होने वाली कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस विषय पर लंबी चर्चा का सुझाव दे सकते हैं और वे सरकार से इसके लिए आग्रह करेंगे. इस पर असंतोष जताते हुए कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया.