शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में फारुक अब्दुल्ला की हिरासत पर हंगामा, कांग्रेस का वाकआउट

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन आज लोकसभा में नेशनल कान्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला की हिरासत पर खूब हंगामा हुआ. कांग्रेस, डीएमके और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अनुरोध किया कि वे सरकार को फारुक अब्दुल्ला को फौरन रिहा करने का आदेश दें. इस पर अध्यक्ष ने उनसे कहा कि वे हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन सदन में नारेबाजी नहीं होनी चाहिए. फिर भी विपक्षी सदस्य अपनी बात पर अड़े रहे. बाद में कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट भी किया.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुला पांच अगस्त को राज्य का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद से हिरासत में हैं. उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती की हिरासत भी तभी से जारी है. हाल में गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने संसद की एक समिति को बताया था कि इन नेताओं की रिहाई का समय अभी तय नहीं है.

मनमोहन सिंह का मोदी सरकार पर तीखा हमला, कहा - अर्थव्यवस्था रंग बिरंगी हेडलाइनों या पीआर से नहीं चलती

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. अपने एक लेख में उन्होंने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था बहुत बुरे हाल में है. मनमोहन सिंह ने इसकी वजह मोदी सरकार की गलत नीतियों को बताया. पूर्व प्रधानमंत्री के मुताबिक नीति निर्माता और संस्थान सच बोलने से डर रहे हैं और इस माहौल में अर्थव्यवस्था प्रगति नहीं कर सकती. मनमोहन सिंह ने दावा किया कि मीडिया, न्यायपालिका और जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता पर बुरी तरह से चोट की गई है. उनका ये भी कहना था कि भारत जैसी विशाल अर्थव्यवस्था को रंग-बिरंगी हेडलाइनों या जनसंपर्क से नहीं चलाया जा सकता.

जस्टिस एसए बोबडे देश के मुख्य न्यायाधीश बने, इस पद पर बैठने वाले 46वें शख्स

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे देश के नए मुख्य न्यायाधीश बन गए हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. वे देश के 47वें मुख्य न्यायाधीश हैं. जस्टिस एसए बोबडे 23 अप्रैल 2021 को रिटायर होंगे. यानी मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल करीब 17 महीने का होगा. जस्टिस एसए बोबडे ने कई ऐतिहासिक फैसलों में अहम भूमिका निभाई है. हाल ही में अयोध्या में राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ करने के फैसले में वे शामिल रहे. 2017 में सुप्रीम कोर्ट की जिस खंडपीठ ने निजता के अधिकार को मूल अधिकार बताया था उसमें भी वे शामिल थे. नागपुर में जन्मे जस्टिस एसए बोबडे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके हैं. 2013 में वे सुप्रीम कोर्ट में आए थे.

जेएनयू के छात्रों के मार्च को पुलिस ने संसद पहुंचने से पहले रोका

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों ने आज विश्वविद्यालय परिसर से संसद भवन की ओर मार्च किया. हालांकि पुलिस ने इस मार्च को वहां पहुंचने से पहले ही रोक दिया. ये छात्र फीस में बढ़ोतरी और ड्रेस कोड जैसे कई नए नियमों का विरोध कर रहे हैं. उनके विरोध प्रदर्शनों को दो हफ्ते से ज्यादा का वक्त हो गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुल्क में आंशिक तौर पर कमी की है. लेकिन छात्र संगठनों ने इसे आंखों में धूल झोंकने वाला करार दिया है. फिलहाल विश्वविद्यालय में हालात सामान्य करने के लिए सरकार ने तीन सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय समिति बना दी है. ये सभी पक्षों से बात करेगी.

अमेरिका में गोलीबारी की एक घटना में चार लोगों की मौत

अमेरिका में गोलीबारी की एक घटना में चार लोगों की मौत हो गई. ये घटना कैलिफोर्निया में हुई. यहां फुटबॉल मैच देख रहे लोगों पर एक हमलावर ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं. मरने वाले चारों लोग एशियाई मूल के थे जिनकी उम्र 25 से 35 साल के बीच थी. घटना में छह लोग घायल भी हुए हैं. अमेरिका में गोलीबारी की घटनाएं आम हैं. बीते महीने मैसेचूसेट्स में इसी तरह की एक घटना में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी. इनमें तीन बच्चे शामिल थे. इससे एक दिन पहले ही कंसास में एक बार में घुसे बंदूकधारियों ने चार लोगों की हत्या कर दी थी.