सियाचिन ग्लेशियर में हिमस्खलन की चपेट में आने के कारण सेना के चार जवानों और दो कुलियों की मौत हो गई. पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है. यह हिमस्खलन सियाचिन के उत्तरी हिस्से में सोमवार को दोपहर बाद हुआ. अधिकारियों ने बताया कि सेना के छह कर्मियों समेत आठ लोगों का एक समूह 19 हजार फुट की ऊंचाई पर हुए इस हादसे का शिकार हुआ. इस घटना में सेना के दो जवान बच गए हैं. पास की चौकी से राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गया है. एक अधिकारी ने जानकारी दी कि हरमुमकिन प्रयास के बावजूद हाइपोथर्मिया (अत्यधिक सर्दी) की वजह से चार सैनिकों और दो नागरिकों की मौत हो गयी.

सियाचिन ग्लेशियर काराकोरम पर्वत श्रृंखला पर 20 हजार फीट की ऊंचाई पर है. यह दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र है. सर्दियों के मौसम में यहां जवानों का सामना अक्सर बर्फीले तूफान और भू-स्खलन से होता है. पारा भी यहां जवानों का दुश्मन बनता है. इलाके में तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हादसे पर शोक जताया है. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, ‘सियाचिन में हिमस्खलन की चपेट में आने से जवानों और कुलियों की मौत से गहरा दुख पहुंचा है. मैं उनके साहस और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के लिए उन्हें सलाम करता हूं. उनके परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं.’