राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने सोमवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. लेकिन महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो सकी. मुलाकात के बाद भी शरद पवार ने अपने पत्ते नहीं खोले. उन्होंने केवल इतना कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर चर्चा नहीं हुई. पीटीआई के मुताबिक शरद पवार ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी और स्वाभिमानी शेतकारी संगठन जैसे उन छोटे दलों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा जिन्होंने कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था.

शरद पवार की सोनिया गांधी से मुलाकात से पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद महाराष्ट्र में सरकार गठन की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सोनिया से मुलाकात के बाद पवार ने संवाददाताओं से कहा, ‘सरकार गठन के बारे में चर्चा नहीं की. हमने सिर्फ राज्य में राजनीतिक हालात के बारे में चर्चा की.’ उन्होंने यह भी कहा कि सोनिया गांधी के साथ मुलाकात के दौरान साझा न्यूनतम कार्यक्रम को लेकर भी बात नहीं की गई.

शरद पवार का कहना था, ‘हम हालात पर नजर रखे हुए हैं. हम दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे और उनकी राय लेंगे. इसके आधार पर हम भविष्य को लेकर फैसला करेंगे.’ इस मुलाकात के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक ट्वीट कर कहा, ‘शरद पवार ने आज कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात के बारे में उन्हें अवगत कराया.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘यह निर्णय लिया गया कि अगले एक या दो दिनों में एनसीपी और कांग्रेस के प्रतिनिधि दिल्ली में फिर मिलेंगे जिसमें आगे के कदमों के बारे में चर्चा होगी.’

उधर, सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी और शरद पवार की इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार के गठन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने यह भी बताया कि अगले कुछ दिनों में सरकार गठन की तस्वीर पूरी तरह साफ होने की संभावना है. कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी के केरल से ताल्लुक रखने वाले नेता महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ जाने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि उनके मुताबिक इससे दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण राज्य में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है.

उधर, शिवसेना लगातार इस बात पर जोर दे रही है कि राज्य में अगला मुख्यमंत्री उसका ही होगा. उसने यह दावा भी किया कि तीनों पार्टियां साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर सहमत हो गई हैं. वैकल्पिक सरकार गठित करने की कवायद के बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 24 नवंबर को निर्धारित अयोध्या की अपनी यात्रा स्थगित कर दी है.

दूसरी तरफ, महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राज्यसभा में एनसीपी की तारीफ कर कइयों को चौंका दिया. उन्होंने कहा कि एनसीपी और बीजेडी से सत्ता पक्ष सहित सभी दलों को सीख लेनी चाहिए कि वे आसन के समक्ष आये बिना भी अपना राजनीतिक विकास कर सकते हैं.

बीती 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से नयी सरकार को गठन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. भाजपा-शिवसेना को पूर्ण बहुमत मिला था, लेकिन बारी बारी से मुख्यमंत्री पद की शिवसेना की मांग को लेकर दोनों के रास्ते अलग हो गए. इसके बाद से शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की कवायद में जुटी हुई है.