दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का मुद्दा कल संसद में भी छाया रहा. विपक्षी सांसदों ने कहा कि इसके लिए सिर्फ किसानों का पराली जलाना जिम्मेदार नहीं है. उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समस्या से निपटने के लिए कमान संभालें. इस खबर को आज कई अखबारों ने पहले पन्ने की खबर बनाया है. इसके अलावा महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की जद्दोजहद से जुड़ी अलग-अलग खबरें भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल हैं.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पुराना नाम मिलेगा

प्रस्तावित नई शिक्षा नीति को लागू करने की समयसीमा को लेकर भले ही सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन यह साफ हो गया है कि इस नीति के अमल के साथ ही मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय का नाम भी बदल जाएगा. दैनिक जागरण के मुताबिक इसे फिर शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा. करीब 34 साल पहले 1985 में तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के नाम को बदलकर इसका नाम मानव संसाधन विकास मंत्रालय कर दिया था. प्रस्तावित नई शिक्षा नीति के मसौदे को मंत्रालय ने अंतिम रूप दे दिया है. इसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिलना बाकी है. प्रस्तावित नीति के अंतिम मसौदे में शिक्षा से जुड़े तमाम बड़े सुधारों के साथ मंत्रालय के नाम को बदलने की सिफारिश की गई है. नीति को अंतिम रूप देने वाली टीम ने साफ किया है कि मंत्रालय के नाम में बदलाव से यह साफ हो जाएगा कि उसे शिक्षा के क्षेत्र में ही फोकस करना है. सभी प्रमुख देशों में शिक्षा का काम देखने के लिए शिक्षा मंत्रालय ही होता है.

राजस्थान में देश की सबसे बड़ी पक्षी त्रासदी

राजस्थान में इन दिनों देश की सबसे बड़ी पक्षी त्रासदी घट रही है. यहां खारे पानी की मशहूर सांभर झील पक्षियों की कब्रगाह बन चुकी है. दैनिक भास्कर के मुताबिक बीते 11 दिनों में यहां 18,059 विदेशी पक्षियों की मौत हो चुकी है. मौत का कारण किसी को नहीं पता. मरे हुए पक्षियों के सैंपल मध्यप्रदेश समेत चार राज्यों को भेजे गए हैं. राजस्थान के पूर्व चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन आरएन मेहरोत्रा ने कहा कि देश में अभी तक कहीं भी इतनी तादाद में विदेशी पक्षियों की मौत नहीं हुई थी. विशेषज्ञों का कहना है कि मरने वाले पक्षियों का आंकड़ा 50 हजार तक पहुंच सकता है. सर्दियों की शुरुआत होते ही 90 वर्ग किलोमीटर इलाके में फैली सांभर झील में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं.

जियो भी दरें बढ़ाएगी

आने वाले दिनों में रिलायंस जियो के ग्राहकों के लिए बात करना महंगा हो जाएगा. हिंदुस्तान के मुताबिक कंपनी ने कहा है कि वह अगले कुछ सप्ताह में मोबाइल सेवाओं की दरें बढ़ाने वाली है. इससे पहले खबर आई थी कि वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल ने एक दिसंबर से टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है. कंपनियों का यह निर्णय आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ सकता है. हालांकि फिलहाल सबसे सस्ती दरों पर सेवा दे रही जियो ने कहा है कि वह बढ़ोतरी इस तरह करेगी ताकि डेटा उपभोग पर प्रतिकूल असर न पड़े.