राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह मुलाकात संसद भवन में हुई. शरद पवार ने प्रधानमंत्री को महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओं से अवगत कराया. इसके साथ ही उन्होंने फसलों को हुए नुकसान और राज्य में बढ़ते कृषि संकट के मद्देनजर उनके तत्काल हस्तक्षेप की मांग की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शरद पवार की यह मुलाकात महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच हुई. महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के बीच बातचीत चल रही है.

मुलाकात के बाद शरद पवार ने तीन पृष्ठों के एक ज्ञापन में कहा कि नासिक जिले में सोयाबीन, धान, मक्का, बाजरा और टमाटर, प्याज जैसी सब्जियों की फसलें अंतिम चरण में थीं, लेकिन बेमौसम भारी बारिश से वे पूरी तरह बर्बाद हो गयीं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीनों में नासिक के 44 किसानों ने आत्महत्या की है.

हालांकि शरद पवार की नरेंद्र मोदी से इस मुलाकात को लेकर कयासबाजी का दौर चल पड़ा है क्योंकि यह ऐसे समय पर हुई है जब एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के साथ महाराष्ट्र में सरकार गठन की जद्दोजहद में लगी हुई है आज शाम को ही इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और एनसीपी नेताओं की बातचीत होनी है. कुछ खबरों में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा ने 79 साल के शरद पवार को अगली बार राष्ट्रपति के पद की पेशकश की है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य सभा में एनसीपी की तारीफ कर चुके हैं.

महाराष्ट्र में हुए हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिल गया था लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना अड़ गई और इसके चलते दोनों दलों की राहें जुदा हो गईं. इसके बाद बारी-बारी से भाजपा शिवसेना और एनसीपी को सरकार बनाने का न्योता दिया गया. लेकिन कोई भी पार्टी बहुमत के आंकड़े का सबूत नहीं दे सकी. फिर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी में महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की जिसकी केंद्र ने भी अनुशंसा कर दी.