केंद्र सरकार ने दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को मंजूरी दे दी है. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने यह जानकारी दी है. उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि पीएम-उदय यानी दिल्ली आवास अधिकार योजना के अंतर्गत अनधिकृत कॉलोनियों को यह मंजूरी दी गई है. उपराज्यपाल के मुताबिक जिन लोगों पर धारा 81 के तहत केस दर्ज हैं, उन्हें भी बड़ी राहत मिलेगी. ये सभी केस वापस लिए जाएंगे. इसके अलावा दिल्ली के 79 गांवों का शहरीकरण किया जाएगा.

बीते अक्टूबर में मोदी सरकार ने दिल्ली में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला किया था. 23 अक्टूबर को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा था, ‘केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक अहम फैसले में दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले लोगों को स्वामित्व का अधिकार देने का निर्णय किया है. सरकार के इस फैसले से दिल्ली के 40 लाख लोगों को फायदा होगा.’

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा था कि दिल्ली की लगभग 1,800 अनाधिकृत कॉलोनियों को 5 वर्षों की कोशिशों के बाद हाल ही में नियमित करने की घोषणा की गई है. जल्द ही कानून बनाकर इस फैसले को लागू कर दिया जाएगा.