दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बुधवार को बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गयी. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक बुधवार शाम चार बजे 301 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है. मंगलवार को शाम चार बजे यह 242 रहा था.

दिल्ली के पड़ोसी शहर गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 366 दर्ज किया गया. गाजियाबाद बुधवार को देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा. ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 340, जबकि नोएडा में 320 दर्ज किया गया.

201 से लेकर 300 के बीच एक्यूआई को खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी का माना जाता है.

पीटीआई के मुताबिक सरकार की वायु गुणवत्ता निगरानी और पूर्वानुमान सेवा ‘सफर’ ने कहा है कि दिल्ली के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता शुक्रवार तक गंभीर श्रेणी में प्रवेश कर सकती है. सफर के मुताबिक दिल्ली में सर्द हवाओं की गति कम होने और पराली जलाये जाने की घटनायें बढ़ने के चलते ऐसा होने का अनुमान है.

हालांकि, कुछ मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ से जल्द ही हवा की गति बढ़ने की उम्मीद है जिससे प्रदूषण के स्तर को नीचे लाने में मदद मिलेगी.