श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे ने आज देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. बुधवार को मौजूदा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफे की घोषणा की थी. इसके बाद गोटबाया राजपक्षे ने महिंदा राजपक्षे को कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाने का ऐलान किया. महिंदा राजपक्षे पूर्व में राष्ट्रपति रह चुके हैं. अब वे आम चुनाव होने तक कार्यवाहक मंत्रिमंडल के प्रधानमंत्री रहेंगे.

इससे पहले श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र सौंप दिया. उन्होंने इसके साथ ही अपने आधिकारिक आवास ‘टेंपल ट्री’ को भी खाली कर दिया ताकि नए प्रधानमंत्री उसमें रह सकें. रानिल विक्रमसिंघे जनवरी 2015 से नवंबर 2019 तक प्रधानमंत्री पद पर रहे.

श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव में श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के उम्मीदवार गोटबाया राजपक्षे को बड़ी जीत मिली थी. उन्हें करीब 54 फीसदी वोट मिले. इस चुनाव में राजपक्षे ने न्यू डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ) के साजित प्रेमदासा को शिकस्त दी.

श्रीलंकाई सेना के पूर्व प्रमुख गोटबाया राजपक्षे अपने बड़े भाई महिंदा राजपक्षे के राष्ट्रपति रहते हुए रक्षा सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं. श्रीलंका में उनकी पहचान एक आक्रामक राष्ट्रवादी नेता की है. अलगाववादी संगठन लिबरेशन टाइगर्स तमिल ईलम तमिल (लिट्टे) के खिलाफ सैन्य अभियान की कमान उन्होंने ही संभाली थी. उन पर श्रीलंका, यूरोप और अमेरिका में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगते हैं. कहा जाता है कि उन्होंने लिट्टे पर सैन्य कार्रवाई के दौरान हजारों तमिल नागिरकों की हत्या करवाई थी.