जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला को रक्षा मामलों पर संसद की 21 सदस्यीय परामर्श समिति में शामिल किया गया है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को वापस लिये जाने के बाद से श्रीनगर में हिरासत में हैं. उन पर कड़ा जन सुरक्षा कानून (पीएसए) लगाया गया है. पीटीआई के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली समिति के सदस्यों की सूची में 81 वर्षीय फारुख अब्दुल्ला का नाम शीर्ष पर है.

संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व रक्षा मंत्री और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार का नाम भी शामिल है. इस सूची में भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर का भी नाम है जिसकी कांग्रेस ने आलोचना की है. उसका कहना है कि आतंकी घटना में आरोपित किसी शख्स का नाम ऐसी समिति में होना सुरक्षा बलों का अपमान है. उधर, भाजपा ने इस बयान पर पलटवार करते हुए इसे कांग्रेस की नासमझी का प्रमाण बताया है.

फारुख अब्दुल्ला को बीती पांच अगस्त को हिरासत में लिया गया था. उस दिन सरकार ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने तथा उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का निर्णय लिया था. सरकार ने कहा है कि इसके बाद से हिरासत में रखे गए कश्मीरी नेताओं को उचित समय पर छोड़ दिया जाएगा.