रक्षा मामलों की संसदीय समिति में प्रज्ञा ठाकुर के होने को कांग्रेस ने सुरक्षा बलों का अपमान बताया

रक्षा मामलों से जुड़ी एक संसदीय समिति में भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर को शामिल किये जाने पर विवाद हो गया है. कांग्रेस ने कहा है कि आतंकी हमले की आरोपित का इस समिति में होना उन वीर जवानों का अपमान है, जो आतंकवादियों से देश को महफूज रखते हैं. उधर, केंद्र में सत्ताधारी भाजपा ने भी इस पर पलटवार किया है. पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने इसे कांग्रेस और राहुल गांधी की नासमझी का सबसे बड़ा सबूत बताया है. उन्होंने कहा कि सांसद होने के नाते समितियों में सदस्य चुना जाना प्रज्ञा ठाकुर का अधिकार है. राकेश सिन्हा ने सोनिया गांधी के नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर होने का हवाला दिया. उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष सभी संसदीय समितियों से इस्तीफा देंगी.

महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए शिवसेना को समर्थन देने पर कांग्रेस कार्यसमिति में सहमति, अंतिम फैसला कल

कांग्रेस कार्य समिति ने महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार गठन के लिए आगे बढ़ने की सहमति दे दी है. कांग्रेस की इस सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई की आज दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर बैठक हुई. बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर कल तक आखिरी फैसला ले लिया जाएगा. कांग्रेस और एनसीपी के बीच आज रात इस मुद्दे को लेकर फिर बैठक होनी है. इसके बाद कल दोनों की मुंबई मे शिवसेना के साथ अंतिम बैठक होगी.

उधर, शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन पर आखिरी फैसला अगले दो दिन में ले लिया जाएगा. इससे पहले उन्होंने कहा था कि सरकार गठन के रास्ते की सारी बाधाएं दूर कर ली गई हैं. महाराष्ट्र में फिलहाल राष्ट्रपति शासन है. चुनावों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था. लेकिन अपना मुख्यमंत्री बनाने की जिद पर अड़ी शिवसेना ने भाजपा से नाता तोड़ दिया. इसके बाद सरकार बनाने के लिए उसने एनसीपी और कांग्रेस से बातचीत शुरू कर दी.

चुनावी बॉन्ड्स के मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा, कांग्रेस का वाकआउट

चुनावी बॉन्ड्स के मुद्दे पर आज लोक सभा में जमकर हंगामा हुआ. कांग्रेस ने मोदी सरकार पर इस योजना के माध्यम से सरकारी भ्रष्टाचार को अमलीजामा पहनाने का आरोप लगाया. पार्टी नेता मनीष तिवारी ने दावा किया कि भारतीय रिजर्व बैंक और चुनाव आयोग के विरोध के बावजूद सरकार ने चुनावी बॉन्ड जारी किये. बाद में इस मुद्दे पर विरोध जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत पार्टी के सभी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया. चुनावी बॉन्ड्स का ऐलान सरकार ने पिछले साल किया था. उसका दावा है कि इससे पार्टियों को मिलने वाले चुनावी चंदे की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी.

गूगल ने राजनीतिक विज्ञापनों के लिए अपनी नीति सख्त की

गूगल ने राजनीतिक विज्ञापनों के संबंध में अपनी नीति सख्त कर दी है. कंपनी को अंदेशा है कि मतदाताओं को प्रभावित करने और गलत जानकारी फैलाने के लिए उसके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल हो सकता है. कंपनी का कहना है कि मतदाताओं को गलत जानकारियां देकर प्रभावित करने की कोशिश करने वाले विज्ञापनों को वो बैन कर सकती है. गूगल की इस नई नीति को अगले साल छह जनवरी तक पूरी दुनिया में लागू करने की योजना है. इससे पहले खबर आई थी कि सोशल मैसेजिंग सेवा स्नैपचैट ने राजनीतिक विज्ञापनों पर नजर रखने की बात कही है. पिछले हफ्ते ट्विटर ने अपनी नई नीति के तहत सभी राजनीतिक विज्ञापनों को बैन कर दिया था.

इजरायल में असाधारण स्थिति, साल भर से भी कम समय के भीतर तीसरा आम चुनाव होना लगभग तय

इजरायल में एक असाधारण स्थिति पैदा हो गई है. बेंजामिन नेतन्याहू के बाद उनके मुख्य प्रतिद्वंदी बेनी गैंज भी तय समयसीमा के भीतर सरकार बनाने में नाकाम रहे हैं. इसके साथ ही देश में साल भर से भी कम समय के भीतर तीसरा आम चुनाव होना तय दिख रहा है. इससे पहले 17 सितंबर को हुए चुनाव में न तो बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को बहुमत मिला था, और न ही बेनी गैंज की ब्लू एंड व्हाइट पार्टी को. बीते अप्रैल में हुए आम चुनाव में भी ऐसा ही हुआ था जिसके बाद कोई सरकार नहीं बना सका. इसके बाद इजरायली सांसदों ने अभूतपूर्व कदम उठाते हुए संसद को भंग करने के पक्ष में मतदान किया था.