महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए एनसीपी और कांग्रेस में अंतिम रूपरेखा बनने की खबर आज कई अखबारों के पहले पन्ने पर है. पहले कांग्रेस कार्यसमिति में शिवसेना को समर्थन देने पर सहमति बनी. फिर दोनों पार्टियों ने कल एनसीपी मुखिया शरद पवार के घर पर एक बैठक की. अब दोनों शिवसेना से बातचीत करेंगी जिसका कहना है कि मामला एक-दो दिन में साफ हो जाएगा. इसके अलावा लोकसभा में चुनावी बॉन्ड्स को लेकर हुआ हंगामा भी कई अखबारों की प्रमुख सुर्खी है. कांग्रेस का कहना है इसके जरिये मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार को अमली जामा पहना दिया है.

जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधों से जुड़े हर सवाल का जवाब देना होगा : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन से कहा कि उसे पूर्ववर्ती राज्य से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में हर सवाल का जवाब देना होगा. दैनिक जागरण के मुताबिक प्रशासन की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने विस्तार से अपनी बात रखी है और प्रशासन के जवाबी हलफनामे से उसे किसी नतीजे पर पहुंचने में कोई मदद नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक प्रशासन को यह संदेश नहीं देना चाहिए कि वह इस मामले पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा. उधर, तुषार मेहता ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने प्रतिबंधों पर जो भी बात कही है वह ज्यादातर गलत है और अदालत में बहस के दौरान वे हर बात का हर पहलू से जवाब देंगे.

शराबबंदी कानून को लेकर बढ़ते मामलों पर पटना हाई कोर्ट ने बिहार सरकार से जवाब मांगा

पटना हाई कोर्ट ने बिहार में शराबबंदी कानून से जुड़े मामलों के बढ़ते बोझ पर चिंता जताई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उसने बिहार सरकार को फटकार भी लगाई है और उससे जवाब-तलब किया है. हाई कोर्ट ने कहा है कि सरकार शुक्रवार तक उसे बताए कि कोर्ट में इन मामलों के बढ़ते पहाड़ को निपटाने के लिए उसकी क्या योजना है. अदालत का कहना था कि बिहार शराबबंदी कानून से जुड़े दो लाख से ज्यादा मामले न्यायपालिका पर बोझ हैं. इन मामलों में 90 फीसदी लोगों को जमानत मामले में 90 फीसदी लोगों को जमानत मिलने के तथ्य को संज्ञान में लेते हुए अदालत ने सवाल किया कि ऐसे मामलों में कितनी बार सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

तीन साल में हवा सुधरी : प्रकाश जावड़ेकर

दिल्ली-एनसीआर में छाई जहरीली धुंध पर संसद में चिंता के बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि सरकार इस दिशा में कई कदम उठा रही है. हिंदुस्तान के मुताबिक उन्होंने इनके अच्छे नतीजे सामने आने का दावा भी किया. प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि पिछले तीन साल में दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है. उनके मुताबिक साल दर साल प्रदूषण के लिहाज से खराब दिनों की घटती संख्या इसकी पुष्टि करती है. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि वायु प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है और इससे निपटने के लिए जनसहभागिता जरूरी है. पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कार्यबल बनाया गया है.