कोलकाता के ईडन गार्डन में भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश की पारी लड़खड़ा गई है. उसने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. लेकिन 15 रन के स्कोर पर उसके विकेट गिरने शुरू हुए तो 60 रन तक छह बल्लेबाज पैवेलियन लौट गए. भारत के तेज गेंदबाजों ने कहर बरपा दिया. उमेश यादव ने तीन विकेट लिए तो ईशांत शर्मा ने दो बल्लेबाजों को आउट किया. एक विकेट मोहम्मद शमी के खाते में गया.

दोनों देशों का यह पहला दिन-रात्रि टेस्ट मैच है. इससे पहले, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी इसके उद्घाटन के लिये कोलकाता पहुंचीं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आग्रह पर यहां आई हैं.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से दिन-रात के टेस्ट को मंजूरी मिलने के सात साल बाद भारतीय टीम पहली बार बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद से टेस्ट खेल रही है. पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की अगुवाई में बीसीसीआई ने गुलाबी गेंद से यह टेस्ट कराने का अभूतपूर्व फैसला लिया. बताया रहा है कि सौरव गांगुली ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भी काफी कम समय में इस दिन-रात के टेस्ट के लिये मना लिया.

अभी तक दुनिया भर में दिन रात के 11 टेस्ट खेले जा चुके हैं. चार साल पहले आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच पहला दिन-रात का टेस्ट खेला गया था. आस्ट्रेलिया ने पिछले साल वहीं पर दिन-रात का टेस्ट खेलने का प्रस्ताव रखा था लेकिन भारत राजी नहीं हुआ था. इसकी वजह एसजी गुलाबी गेंद थी जिसे सूर्यास्त के बाद देखना कठिन होता है. इस पर अगर ओस की भूमिका हो तो गेंदबाजों की दिक्कत बढ़ जाती है. सौरव गांगुली और विराट कोहली हालांकि इसके लिये तैयार हो गए.