कोलकाता टेस्ट मैच में इशांत शर्मा की अगुवाई में भारतीय तेज गेंदबाजों ने घातक गेंदबाजी कर बांग्लादेश को पहली पारी में 106 रन पर ढेर कर दिया. खबर लिखे जाने तक भारत ने चाय के विश्राम के बाद मयंक अग्रवाल (14) और रोहित शर्मा (21) का विकेट खोकर 105 रन बना लिए थे. कप्तान विराट कोहली 32 रन और चेतेश्वर पुजारा 37 रन बनाकर क्रीज पर थे.

इससे पहले कोलकाता के ईडन गार्डन में भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. लेकिन 15 रन के स्कोर पर उसके विकेट गिरने शुरू हुए और केवल 30.3 ओवर में सभी बल्लेबाज पैवेलियन लौट गए. भारत के तेज गेंदबाजों की कहर बरपाती गेंदों के आगे उसके केवल तीन बल्लेबाज ही दोहरे अंक में पहुंच सके. लिटन दास 24 रन के अलावा शादमान इस्लाम ने 29 और नईम हसन ने 19 रन बनाये.

भारत की ओर से इशांत शर्मा ने 12 ओवर में 22 रन देकर पांच विकेट झटके. उन्होंने पिछले 12 वर्षों में पहली बार भारतीय सरजमीं पर एक पारी में पांच विकेट लिये हैं. उमेश यादव ने अपनी तेजी से बांग्लादेशी बल्लेबाजों को परेशान करके सात ओवर में 29 रन देकर तीन विकेट, जबकि मोहम्मद शमी ने 36 रन देकर दो विकेट लिये. शमी की खतरनाक बाउंसर से लिटन दास को सिर में चोट लगी जिस कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा, उनकी जगह स्थानापन्न खिलाड़ी ने ली. विशेषज्ञ स्पिनर रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन ने केवल एक-एक ओवर किया.

दोनों देशों का यह पहला दिन-रात्रि टेस्ट मैच है. इससे पहले, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी इसके उद्घाटन के लिये कोलकाता पहुंचीं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आग्रह पर यहां आई हैं.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से दिन-रात के टेस्ट को मंजूरी मिलने के सात साल बाद भारतीय टीम पहली बार बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद से टेस्ट खेल रही है. पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की अगुवाई में बीसीसीआई ने गुलाबी गेंद से यह टेस्ट कराने का अभूतपूर्व फैसला लिया. बताया रहा है कि सौरव गांगुली ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भी काफी कम समय में इस दिन-रात के टेस्ट के लिये मना लिया.

अभी तक दुनिया भर में दिन रात के 11 टेस्ट खेले जा चुके हैं. चार साल पहले आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच पहला दिन-रात का टेस्ट खेला गया था. आस्ट्रेलिया ने पिछले साल वहीं पर दिन-रात का टेस्ट खेलने का प्रस्ताव रखा था लेकिन भारत राजी नहीं हुआ था. इसकी वजह एसजी गुलाबी गेंद थी जिसे सूर्यास्त के बाद देखना कठिन होता है. इस पर अगर ओस की भूमिका हो तो गेंदबाजों की दिक्कत बढ़ जाती है. सौरव गांगुली और विराट कोहली हालांकि इसके लिये तैयार हो गए.