मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक अजीब सा मामला सामने आया है. यहां की एसबीआई बैंक के अधिकारियों की गलती के चलते एक शख्स की गाढ़ी कमाई, कोई दूसरा उसी खाते से यह समझकर निकालता रहा कि पैसा ‘मोदी जी’ भेज रहे हैं.

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक भिंड जिले के रूरई गांव के रहने वाले हुकुम सिंह और रोनी गांव के रहने वाले हुकुम सिंह, दोनों ने एसबीआई की आलमपुर शाखा में खाता खुलवाया था. बैंक अधिकारियों ने दोनों की पासबुक में फ़ोटो तो अलग-अलग लगवा दिया, लेकिन पता और खाता नंबर एक ही दे दिया. यानी एक खाते के दो लोग मालिक बन गए.

खाता खुलवाने के बाद रूरई गांव के हुकुम सिंह रोजगार के लिए हरियाणा चले गए. यहां पैसे बचाकर वे अपने खाते में जमा करते रहे. उधर, रोनी गांव के हुकुम सिंह बैंक पहुंचकर यही पैसा खाते से निकालते रहे. यह सिलसिला छह महीनों तक चलता रहा. इन छह महीनों में कमाने वाले हुकुम सिंह के खाते से खर्च करने वाले हुकुम सिंह ने 89 हज़ार रुपये निकाल लिए.

मामले का खुलासा तब हुआ जब रूरई गांव के हुकुम सिंह हरियाणा से भिंड वापस आये और रुपए निकालने एसबीआई की आलमपुर शाखा पहुंचे. यहां उन्होंने देखा कि उनके खाते में सिर्फ 35 हजार 400 रुपए ही बचे हैं, जबकि उनके मुताबिक खाते में 1,40,000 रुपये होने चाहिए थे. इसके बाद उन्होंने बैंक कर्मियों से इसकी शिकायत की.

एनडीटीवी ने जब पैसा निकालने वाले रोनी गांव के हुकुम सिंह से बात की तो उन्होंने कहा, ‘मेरा खाता था. उसमें पैसा आया. मैं सोच रहा था मोदी जी पैसा भेज रहे हैं तो मैंने निकाल लिया. हमारे पास पैसा नहीं था, हमारी मजबूरी थी. हमने घर में काम करवाया है और इसलिये पैसा हमें निकालना पड़ा. इस लापरवाही के लिए बैंक वाले जिम्मेदार हैं.’