महाराष्ट्र में नाटकीय घटनाक्रमों का सिलसिला जारी है. एनसीपी मुखिया शरद पवार ने कहा है कि सरकार बनाने के लिए भाजपा को समर्थन देना उनकी पार्टी का आधिकारिक फैसला नहीं है. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि यह उनके भतीजे अजित पवार का निजी फैसला है जिसका वे समर्थन नहीं करते.

इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने आज सुबह दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. एनसीपी के अजित पवार उप मुख्यमंत्री बने हैं. शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र को खिचड़ी नहीं बल्कि स्थिर सरकार चाहिए थी. उन्होंने समर्थन देने के लिए एनसीपी का धन्यवाद भी किया.

कल शाम ही शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की साझा बैठक हुई थी. इसमें तीनों पार्टियों की गठबंधन सरकार का मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बनाने पर सहमति हुई थी. खुद एनसीपी मुखिया शरद पवार ने इसका ऐलान किया था. बैठक के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी इसकी पुष्टि की थी. उन्होंने कहा था कि बाकी मुद्दों पर बातचीत जारी रहेगी. इसलिए इस नए घटनाक्रम ने सबको हैरान कर दिया है.

कांग्रेस ने इस घटनाक्रम पर हैरानी जताई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने यह भी कहा कि कांग्रेस, शिवसेना और राकांपा को तीन दिन के भीतर बातचीत पूरी कर लेनी चाहिए थी. अभिषेक मनु सिंघवी ने एक ट्वीट में लिखा, ‘महाराष्ट्र के बारे में पढ़कर हैरान हूं. पहले लगा कि यह फर्जी खबर है. निजी तौर पर बोल रहा हूं कि तीनों पार्टियों की बातचीत तीन दिन से ज्यादा नहीं चलनी चाहिए थी. यह बहुत लंबी चली. मौका दिया गया तो फायदा उठाने वालों ने इसे तुरंत लपक लिया.’