महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है. पीटीआई के मुताबिक पार्टी नेता अहमद पटेल ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने बेशर्मी की हर हद पार कर दी. अहमद पटेल ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस का गुपचुप शपथ ग्रहण महाराष्ट्र के इतिहास में काला दिन है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का यह भी कहना था कि लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा दी गई हैं.

इससे पहले अजित पवार के सहयोग से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर भाजपा के देवेंद्र फडणवीस की आज वापसी हो गयी. वहीं, अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. हालांकि एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि भाजपा के साथ जाने का फैसला उनके भतीजे का व्यक्तिगत निर्णय है न कि पार्टी का.

इससे पहले, राजभवन में तड़के हुए शपथ ग्रहण समारोह के बारे में लोगों को आभास भी नहीं हुआ. देवेंद्र फडणवीस के 2014 में हुए शपथ ग्रहण समारोह में वानखेड़े स्टेडियम में हजारों लोग मौजूद थे. महाराष्ट्र में 12 नवंबर को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्र का शासन हटाने के लिए घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए और इस संबंध में एक गजट अधिसूचना तड़के पांच बजकर 47 मिनट पर जारी की गई. इसके कुछ ही देर बाद देवेंद्र फडणवीस ने शपथ ले ली.

यह शपथ ग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनी थी. शिवसेना नेता संजय राउत ने भाजपा के साथ हाथ मिलाने का फैसला लेने वाले अजित पवार पर शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया.