रॉयल एनफील्ड भारत में अपनी 500 सीसी बाइक्स की रेंज बंद कर सकती है. इसमें बुलेट-500, क्लासिक-500 और थंडरबर्ड-500 शामिल हैं. जानकार इसकी वजह इन बाइकों की मांग में कमी और इनके इंजन को बीएस-6 मानकों के अनुरूप ढालने में लगने वाली ज्यादा लागत मान रहे हैं. फिलहाल रॉयल एनफील्ड 500 सीसी की बजाय अपनी 350 सीसी मोटरसाइकिल रेंज पर ज्यादा ध्यान लगाती दिख रही है. ख़बरों के मुताबिक जल्द ही कंपनी 350 सीसी के इंजन में बड़े बदलाव कर पेश कर सकती है जो बीएस-6 मानकों पर खरे उतरते हों.

किआ सेल्टॉस की बिक्री ब्रेज़ा से ज्यादा

दक्षिण कोरिआई कंपनी किआ की कॉम्पैक एसयूवी सेल्टॉस भारतीय बाज़ार में लगातार धूम मचाने में सफल रही है. यह बात इससे समझी जा सकती है कि अक्टूबर महीने में सेल्टॉस की बिक्री सेगमेंट की लीडिंग कार मारुति-सुज़ुकी ब्रेज़ा से ज्यादा रही है. इस महीने सेल्टॉस की बिक्री 12786 यूनिट पहुंच गई, जबकि ब्रेज़ा के मामले में यह आंकड़ा 10,227 रहा.

यह शायद पहला मौका है जब लॉन्च होने के बाद ब्रेज़ा बिक्री के मामले में सेगमेंट की किसी कार से पीछे रही है. जानकार इसके लिए ब्रेज़ा में दिए जा रहे कम इंजन विकल्प और सिर्फ़ मैनुअल गियरबॉक्स को जिम्मेदार मानते हैं. ब्रेज़ा इस समय सिर्फ़ एक डीज़ल इंजन विकल्प में उपलब्ध है जबकि सेल्टॉस के साथ दो पेट्रोल इंजन और एक डीज़ल इंजन विकल्प के तौर पर मिलते हैं. सेल्टॉस में ये दोनों इंजन मैनुअल और ऑटोमेटिक गियरबॉक्स से वैकल्पिक तौर पर लैस आते हैं.

किआ ने सेल्टॉस को सबसे पहले ऑटो एक्सपो-2018 में कॉन्सेप्ट के तौर पर शोकेस किया था. लुक्स के मामले में यह कार काफी हद तक उसी कॉन्सेप्ट कार से मिलती-जुलती है. किआ ने अपनी इस नई पेशकश को दो बेहतरीन डिज़ाइन लाइन- टेक और जीटी में उपलब्ध कराया है. जानकारों के अनुसार सेल्टॉस अपने सेगमेंट में देश की पहली कार है जिसे दो डिज़ाइन में उपलब्ध कराया गया है. इनमें से किआ सेल्टॉस की टेक लाइन को आरामदायक यात्रा के लिहाज़ से तैयार किया गया है तो जीटी लाइन में ज़्यादा आधुनिक फीचर्स मुहैया कराए गए हैं.

यदि आप इस कार को घर लाना चाहते हैं तो आपको बुकिंग करवाने के बाद दो महीने से ज्यादा का सब्र रखना होगा. कंपनी इस कार के पेट्रोल बेस वेरिएंट के लिए 9.69 लाख रुपए रुपए कीमत तय की है जो 15.99 लाख रुपए तक जाती है. बाज़ार में सेल्टॉस हाल ही में लॉन्च हुई एमजी हेक्टर के अलावा ह्युंडई क्रेटा, निसान किक्स, रेनो कैप्चर और टाटा हैरियर को कड़ी टक्कर दे रही है.

इलेक्ट्रिक नेक्सन

हाल ही में टाटा मोटर्स की लोकप्रिय सबकॉम्पैक एसयूवी नेक्सन का इलेक्ट्रिक वर्ज़न स्पॉट किया गया है. संभावना है कि यह कार अगले साल के अंत तक बाज़ार में उतारी जा सकती है. लुक्स के लिहाज से इलेक्ट्रिक नेक्सन की अपने मौजूदा मॉडल की ही तरह नज़र आती है. लेकिन इस कार में दिख रहे ब्लू कलर के बिल्कुल नए कैमॉफ्लेज स्टीकर्स इसे फ्रेश अपील देते हैं. हालांकि ये इस कार का प्रोडक्शन प्रोटोटाइप है और कार के प्रोडक्शन मॉडल का स्टाइल इससे काफी अलग रहने वाला है.

नेक्सन टाटा मोटर्स की पहली कार होगी जिसे कंपनी की बिल्कुल नई इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन ज़िपट्रॉन तकनीक से लैस किया जाएगा. इस तकनीक से लैस कोई भी इलेक्ट्रिक कार एक चार्ज में 250-300 किलोमीटर तक चल पाने में सक्षम मानी जाती है. ज़िपट्रॉन तकनीक को इस तरह से विकसित किया गया है कि कार की बैटरी कार के चलते और ब्रेक लगते समय भी थोड़ी बहुत चार्ज होती है. टाटा मोटर्स ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह अपनी इलेक्ट्रिक कारों में लगने वाली बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर पर आठ साल की वारंटी उपलब्ध करवाएगी.

मारुति-सुज़ुकी बलेनो का कमाल

मारुति-सुज़ुकी की लोकप्रिय प्रीमियम हैचबैक बलेनो ने 6.5 लाख इकाइयों की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है. बलेनो की यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि बीते करीब एक साल से भारतीय ऑटोसेक्टर में भारी मंदी चल रही है. मारुति-सुज़ुकी ने बलेनो को अक्टूबर-2015 में लॉन्च किया था. मारुति-सुज़ुकी बलेनो को अपनी प्रीमियम फ्लैगशिप नेक्सा के डीलरशिप चेन के तहत बेचती है जो कि देश के 200 शहरों में मौजूद है.

मारुति-सुज़ुकी ने जनवरी-2019 में इस कार का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च किया था. बलेनो के इस नए अवतार में कंपनी ने बीएस-6 मानकों पर खरे उतरने वाले दो पेट्रोल इंजन लगाए थे. इनमें से एक 1.2 लीटर क्षमता का वीवीटी पेट्रोल इंजन है और दूसरा 1.2 लीटर क्षमता का डुअलजेट माइल्ड हाइब्रिड पेट्रोल इंजन है. वहीं बलेनो के आरएस वेरिएंट में अभी बीएस-4 मानकों पर खरे उतरने वाला 1.0 लीटर क्षमता का बूस्टरजेट पेट्रोल और 1.3 लीटर क्षमता का डीज़ल इंजन मिलता है. ख़बरों के मुताबिक मारुति-सुज़ुकी जल्द ही इन दोनों ही इंजनों को बंद कर सकती है.

टोयोटा और सुज़ुकी के बीच बीते साल एक क़रार हुआ था जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों कंपनियों के बीच उत्पादन और तकनीक साझा किए जाने की बात कही गई थी. बलेनो मारुति की पहली कार है जिसके रीबैज्ड वर्ज़न ग्लैन्ज़ा को टोयोटा भी बेचती है.