महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) हैं और पार्टी के 54 विधायकों ने उन्हें राज्य में सरकार गठन के लिए अधिकृत किया है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने शीर्ष अदालत से कहा कि उनके परिवार में झगड़ा जल्द सुलझ जाएगा.

पीटीआई के मुताबिक न्यायमूर्ति एनवी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ के सामने अजित पवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने दलीलें रखीं. मनिंदर सिंह ने कहा कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भाजपा के साथ सरकार गठन के लिए सौंपा गया पत्र तथ्यात्मक और कानूनी रूप से सही है.

सोमवार को सुनवाई के दौरान सिंह का कहना था, ‘मैं (अजित पवार) असली एनसीपी हूं. मैंने जो पत्र दिया, वह तथ्यात्मक रूप से सही है. पत्र का खंडन करने के लिए कुछ भी नहीं है. जिस दिन मैंने पत्र दिया, मेरी पार्टी के 54 विधायकों ने सरकार गठन पर निर्णय लेने के लिए विधायक दल के नेता के रूप में मुझे अधिकृत किया था. मेरे परिवार में जो झगड़ा है, वह जल्द सुलझ जाएगा. इस याचिका का अभी अंत होना चाहिए.’

अजित पवार ने अदालत से यह भी कहा है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस द्वारा दायर संयुक्त याचिका में भी कई बार उन्हें एनसीपी नेता बोला गया है और इन सभी ने उन्हें पार्टी के रूप में भी अभियोजित किया है.

इसके बाद पीठ ने मनिंदर सिंह से पूछा कि वह विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए शक्ति परीक्षण पर क्या कहना चाहते हैं. इस पर सिंह ने जवाब दिया कि शक्ति परीक्षण के मुद्दे पर वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के वकील मुकुल रोहतगी की उन दलीलों को मानेंगे जिनमें उन्होंने कहा है कि अदालत को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल के विशेषाधिकार में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे अपना फैसला सुनाएगा.