पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में भारत की स्थायी और अस्थायी सदस्यता का विरोध किया है. पीटीआई के मुताबिक मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में विश्व समुदाय को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने कहा, ‘हमारी दृष्टि में जी-4 समूह का कम से कम एक सदस्य सुरक्षा परिषद् का स्थायी या अस्थायी सदस्य होने की योग्यता नहीं रखता है.’

अपने सम्बोधन में मुनीर अकरम ने कश्मीर मुद्दे का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मसले पर पिछले दिनों भारत ने सुरक्षा परिषद् के प्रस्तावों का खुलेआम उल्लंघन किया है.

जी-4 समूह में भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान आते हैं. ये सभी सुरक्षा परिषद् में एक-दूसरे की स्थायी सदस्यता का समर्थन करते हैं.

पांच अगस्त को भारत ने तत्कालीन जम्मू कश्मीर राज्य पर लागू अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त कर दिए थे जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था.

15 सदस्यों वाली दुनिया की सबसे ताक़तवर संस्था संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच अस्थायी सदस्यों का कार्यकाल ख़त्म हाेने वाला है. इन सीटों को भरने के लिए अगले साल जून में चुनाव होने वाले हैं. नए चुने गए सदस्यों का कार्यकाल 2022 तक रहेगा. दुनिया के 193 सदस्य देशों वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल सुरक्षा परिषद के पांच अस्थायी सदस्यों का दो साल के लिए चुनाव करती है. भारत इससे पहले सात बार सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है.

हालांकि, बीते जून में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में भारत की उम्मीदवारी का चीन और पाकिस्तान सहित एशिया-प्रशांत क्षेत्र के सभी 55 देशों ने समर्थन किया था.