कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने के विरोध में शिवसेना के एक नेता ने पार्टी छोड़ दी है. रमेश सोलंकी का कहना है कि उनकी अंतरात्मा और विचारधारा उन्हें कांग्रेस के साथ जाने की इजाजत नहीं देती. उनके मुताबिक वे काफी भारी मन के साथ अपनी जिंदगी का यह सबसे मुश्किल फैसला कर रहे हैं.

रमेश सोलंकी ने पार्टी छोड़ने का ऐलान तब किया जब मंगलवार रात को शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे को गठबंधन सरकार का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की. अपने एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि उन्होंने 21 साल शिवसेना में बिताए हैं और वे दिल से हमेशा बाला साहेब ठाकरे के शिवसैनिक रहेंगे.

रमेश सोलंकी इससे पहले नेटफ्लिक्स के विरोध के चलते सुर्खियों में आए थे. उन्होंने इस मशहूर स्ट्रीमिंग साइट के खिलाफ शिकायत करते हुए इस पर आने वाली सामग्री को सेंसर करने की मांग की थी. उनका आरोप था कि इससे अश्लीलता फैल रही है.