महाराष्ट्र में आज उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शिवसेना प्रमुख राज्य के 18वें मुख्यमंत्री होंगे. इससे जुड़ी कई खबरों को आज के अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. दैनिक जागरण ने अपनी खबर का शीर्षक दिया है - ‘महाराष्ट्र में आज से ठाकरे राज’. इसके अलावा भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर द्वारा संसद में नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहे जाने की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. कांग्रेस ने इसके बाद भाजपा से माफी की मांग की है.

1144 करोड़ रुपये के सिटी सेंटर घोटाले में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर समेत सभी बरी

बहुचर्चित 1144 करोड़ रुपये के सिटी सेंटर घोटाले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित सभी 36 आरोपितों को बरी कर दिया गया है. दैनिक जागरण के मुताबिक एक सत्र अदालत ने सतर्कता विभाग की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया. यह मामला 12 साल से चल रहा था. अदालत ने कहा कि आरोपितों के खिलाफ सबूत नहीं हैं और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप साबित नहीं हुए. इस दौरान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अदालत में मौजूद थे.

कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से 58 साल नहीं की जाएगी : केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने कहा है कि सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से 58 साल नहीं की जाएगी. दैनिक भास्कर के मुताबिक यह बात लोकसभा में कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में कही. उनका यह भी कहना था, ‘केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम और 1972 का अधिनियम 56 (जे) सरकार को समय-समय पर कर्मचारियों के काम की समीक्षा का अधिकार देते हैं. इसके तहत अगर कोई कर्मचारी अक्षम पाया जाता है या उसका आचरण भ्रष्ट होता है, तो उसे समय से पहले सेवानिवृत्त किया जा सकता है. इसके लिए तीन महीने का नोटिस दिया जाता है या इसके एवज में उतने महीने की तनख्वाह और भत्ते दिए जाते हैं.’ बीते कुछ समय के दौरान सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों को सामना कर रहे टैक्स विभाग के कई अधिकारियों को जबरन रिटायर कर चुकी है.

10 हजार से ज्यादा दवाओं की कीमत कम होने का रास्ता साफ

देश में बिकने वाली सभी गैर अनुसूचित दवाओं पर 30 फीसदी ट्रेड मार्जिन लागू करने को लेकर सरकार और फार्मा कंपनियों के बीच सहमति बन गई है. हिंदुस्तान के मुताबिक इस फैसले से उन 10 हजार से अधिक दवाओं की कीमत में कमी आएगी जो अब तक मूल्य नियंत्रण से बाहर हैं. बताया जा रहा है कि हाल में हुई एक बैठक में दवा कंपनियों ने सरकार के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है. मंत्रालय का तर्क था कि किसी भी कारोबार के लिए 30 फीसदी लाभ अच्छा माना जाता है और ऐसे में सभी दवाओं पर प्रॉफिट मार्जिन की अधिकतम सीमा इतनी ही होनी चाहिए.