डोपिंग की गलत रिपोर्ट देने के कारण रूस पर टोक्यो में होने वाले 2020 के ओलंपिक में हिस्सा लेने को लेकर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. विश्व डोपिंगरोधी एजेंसी (वाडा) ने रूस से डोपिंग को लेकर गलत आंकड़े मिलने के बाद उस पर चार साल का प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है.

अगर वाडा प्रमुख पेरिस में नौ दिसंबर को होने वाली बैठक में समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लेते हैं तो रूस अगले चार साल के लिए प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं से बाहर हो सकता है. इन प्रतियोगिताओं में 2020 का टोक्यो ओलंपिक भी शामिल है. वाडा की समिति ने यह सिफारिश बीते सोमवार को की है. हालांकि, रूसी ओलंपिक समिति के प्रमुख ने गुरुवार को कहा कि उनके खिलाड़ी 2020 ओलंपिक खेलों में भाग ले सकें, इसके लिये वह अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करेंगे. समाचार एजेंसी आरआइए नोवोस्ती के अनुसार रूसी ओलंपिक समिति के प्रमुख ने स्टेनिस्लाव पोजदानयाकोव ने कहा, ‘हमारी टीम रूस के ध्वज तले तोक्यो ओलंपिक में खेले इसके लिये हम अपनी तरह से कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.’

वाडा की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के खिलाड़ियों की गलत डोपिंग रिपोर्ट वाडा को भेजी गई और इसमें रूस की सरकारी खेल समितियों की सहमति थी. इसके बाद से दुनिया के खेल जगत में यह विवाद गरमा गया है. इस रिपोर्ट के बाद 2014 में रूस के ओलंपिक प्रदर्शन पर भी सवाल उठ रहे हैं.