मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक सुरेश राठखेड़ा ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया यदि नया राजनीतिक दल बनाते हैं तो वह उसमें शामिल होने वाले सबसे पहले व्यक्ति होगें. ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अपने टि्वटर एकांउट के स्टेटस से कांग्रेस पार्टी का नाम हटाये जाने के बाद मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही है कि वह कांग्रेस संगठन से नाखुश हैं.

मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक सुरेश राठखेड़ा ने शिवपुरी में पीटीआई से बातचीत के दौरान कहा, ‘मेरे और महाराज (सिंधिया के समर्थक उन्हें इसी संबोधन से बुलाते हैं) के लिये पार्टी सर्वोपरि है. महाराज ऐसा कोई कदम नहीं उठायेंगे. लेकिन, मेरे लिये सिंधिया इष्ट देव की तरह हैं. मैं उनका सेवक हूं.’ सुरेश राठखेड़ा ने आगे कहा, ‘हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने की कहीं कोई संभावना नहीं है, वह किसी अन्य पार्टी में नहीं जाएंगे. लेकिन, सिंधिया एक मात्र ऐसे नेता हैं जो खुद जब चाहेंगे, नई पार्टी खड़ी कर देंगे और यदि ऐसा होता है तो मैं पहला व्यक्ति होऊंगा जो उनके साथ खड़ा नजर आएगा.’

अपने परिवार के गढ़ गुना लोकसभा सीट से इस साल की शुरुआत में चुनाव हार चुके ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अपने कांग्रेस छोड़ने की अटकलों को ‘निराधार’ बताते हुए खारिज कर चुके हैं. सिंधिया ने कहा था कि उन्होंने फीडबैक मिला कि उनका स्टेटस लम्बा है और इसे छोटा किया जाना चाहिये. इसके बाद उन्होंने अपना ट्विटर बायो बदल दिया. उनके ट्विटर बायो में पहले लिखा था, ‘पूर्व सांसद गुना (2002-2019), पूर्व केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री, पूर्व राज्यमंत्री वाणिज्य और उद्योग, पूर्व राज्यमंत्री संचार, आईटी और पोस्ट’. सिंधिया ने हाल ही में अपना स्टेटस बदलकर सिर्फ ‘लोक सेवक और क्रिकेट प्रेमी’ लिखा है. जिसके बाद उनकी कांग्रेस से नाखुशी की बातें चर्चा में है.