गोडसे विवाद पर भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बचाव में कहा है कि लोकसभा में उनकी विवादित टिप्पणी क्रांतिकारी उधम सिंह के अपमान के खिलाफ की गई थी. उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी झूठ का बवंडर इतना गहरा होता है कि दिन में भी रात लगने लगती है.’ प्रज्ञा ठाकुर की लोकसभा में टिप्पणी को महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रशंसा के तौर पर देखा गया था, जिससे विवाद शुरू हो गया.

भोपाल से सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने ट्वीट किया, ‘कभी-कभी झूठ का बवंडर इतना गहरा होता है कि दिन में भी रात लगने लगती है किंतु सूर्य अपना प्रकाश नहीं खोता. पलभर के बवंडर मे लोग भ्रमित न हों सूर्य का प्रकाश स्थाई है. सत्य यही है कि कल मैने उधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा बस.’ इससे पहले, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा, लोकसभा सांसद प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी की निंदा करती है, पार्टी ऐसे बयानों का कभी समर्थन नहीं करती. नड्डा ने इस विषय पर लोकसभा में बुधवार को की गयी प्रज्ञा ठाकुर की विवादास्पद टिप्पणी के बाद उत्पन्न राजनीति विवाद को शांत करने का प्रयास करते हुए पार्टी सांसद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा की है. विवाद के बाद भाजपा ने प्रज्ञा ठाकुर को संसद के मौजूदा सत्र के दौरान संसदीय दल की बैठक में शामिल होने से रोक दिया और रक्षा मामलों की परामर्श समिति से भी हटा दिया है.

बुधवार को प्रज्ञा ठाकुर के बयान से उस समय विवाद उत्पन्न हो गया जब उन्होंने द्रमुक सदस्य ए राजा द्वारा नाथूराम गोडसे के अदालत के समक्ष महात्मा गांधी की हत्या के संबंध में दिये गए बयान के दौरान कुछ टिप्पणी की थी. विपक्षी सदस्यों ने ठाकुर के इस बयान का विरोध किया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा था कि इस संबंध में केवल ए राजा का बयान रिकार्ड में जायेगा. प्रज्ञा ठाकुर पहले भी गोडसे को लेकर विवादित बयान दे चुकी हैं. लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान उन्होंने गोडसे को देशभक्त बताया था. उस बयान को लेकर प्रज्ञा ठाकुर को बाद में माफी मांगनी पड़ी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके उस बयान की आलोचना की थी.