प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्पष्ट किया है कि उसने महाराष्ट्र के आदर्श सोसायटी घोटाले की कोई नई जांच शुरू नहीं की है.

इससे पहले गुरूवार को कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि ईडी के अधिकारी पैमाइश और संबंधित गतिविधियों के लिए आदर्श सोसायटी गए थे. कुछ का कहना था कि इस मामले में जल्द ही कोई नयी जांच शुरू की जा सकती है. इन खबरों का खंडन करते हुए गुरूवार शाम को केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान जारी किया.

पीटीआई के मुताबिक ईडी ने अपने बयान में कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि प्रवर्तन निदेशालय ने आदर्श सोसाइटी घोटाले में कोई ताजा जांच शुरू नहीं की है.’ बयान में यह भी कहा गया है कि हाल में मीडिया में आई खबरें केवल अटकलें हैं.

साल 2010 में सामने आया यह घोटाला मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित 31 मंजिला आदर्श अपार्टमेंट्स के आवंटन में कथित अनियमितताओँ से संबंधित है. यह अपार्टमेंट 1999 के करगिल युद्ध के नायकों, उनकी विधवाओं और भारतीय रक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए बनाए गए थे.

सोसायटी बनने के कुछ सालों बाद एक आरटीआई से खुलासा हुआ कि तमाम नियमों को ताक पर रख सोसायटी के फ्लैट नौकरशाहों, राजनेताओं और सेना के अफसरों को बेहद कम दामों में बेचे गए. इस मामले में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को इस्तीफा देना पड़ गया था क्योंकि इस घोटाले में उनका भी नाम खूब उछला था.