एक बार फिर उत्तर प्रदेश के एक स्कूल का वीडियो सुर्खियों में आ गया है. इस वीडियो में दिख रहा है कि एक लीटर दूध में पानी मिलाकर उसे 81 बच्चों में बांटा जा रहा है. यह घटना सोनभद्र जिले की है. यह उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार होता है. यहां बच्चों की आबादी का एक बड़ा हिस्सा कम से कम एक वक्त के पोषक भोजन के लिए सरकारी स्कूलों के मिडडे मील पर निर्भर है.

इस वीडियो में एक भोजनमाता एलुमिनियम के एक बड़े भगौने में पानी उबालती दिख रही है. थोड़ी ही देर बाद वह इसमें एक लीटर दूध वाली थैली उड़ेल देती है. उसके बाद मिश्रण को थोड़ी देर हिलाया जाता है और फिर यह ‘पौष्टिक खुराक’ हाथ में स्टील का ग्लास लेकर खड़े बच्चों में बांट दी जाती है. सब बच्चों को मिले आधे-आधे गिलास के हिसाब से अंदाजन देखें तो एक लीटर दूध में करीब नौ-दस लीटर पानी मिलाया गया.

सोनभद्र जिले के इस सरकारी स्कूल में 171 छात्र हैं. बताया जाता है कि जिस दिन यह वीडियो शूट हुआ उस दिन 81 छात्र उपस्थित थे. खबरों के मुताबिक यह वीडियो ग्राम पंचायत के किसी सदस्य ने बनाया है.

सोनभद्र जिला प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि की है. इस मामले में स्कूल में संविदा पर नियुक्त शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. आरोप है कि उसने पर्याप्त दूध की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की. एक दूसरे शिक्षक को भी सस्पेंड कर दिया गया है. उस पर प्रशासन को दूध की कमी के बारे में न बताने का आरोप है.

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कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के एक अन्य स्कूल से आया वीडियो भी विवाद का सबब बना था. इसमें एक स्कूल में बच्चों को नमक के साथ रोटियां खाते हुए दिखाया गया था. इसके बाद पुलिस ने इस वीडियो को शूट करने वाले पत्रकार के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया था. उस पर राज्य सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था.