भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने तीन घंटे के अंदर दूसरी बार लोकसभा में माफी मांगी है. शुक्रवार को सदन में दोबारा माफ़ी मांगते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा था लेकिन फिर भी किसी को ठेस पहुंचती हो तो वह क्षमा चाहती हैं.

प्रज्ञा सिंह ठाकुर की बुधवार को लोकसभा में की गयी टिप्पणी को लेकर उनसे माफी मांगने की मांग करते हुए विपक्षी सदस्यों ने शुक्रवार को सदन में भारी हंगामा किया. इसके बाद प्रज्ञा ने शून्यकाल के दौरान इस विषय पर सदन में माफी मांगी और साथ ही कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया.

प्रज्ञा ठाकुर के इस माफ़ी वाले बयान पर विपक्षी दल संतुष्ट नहीं हुए और बिना शर्त माफी की मांग पर अड़े रहे. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने इस विषय का समाधान निकालने के लिए भोजनावकाश में सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई जिसमें दोबारा माफ़ी मांगने की बात तय हुई.

भोजनावकाश के बाद सदन शुरू होने पर भाजपा सदस्य प्रज्ञा ने दोबारा माफी मांगी. उन्होंने कहा, ‘मैंने 27 नवंबर को एसपीजी विधेयक पर चर्चा के दौरान नाथूराम गोडसे को देशभक्त नहीं कहा, नाम ही नहीं लिया, फिर भी किसी को ठेस पहुंचती हो तो मैं क्षमा चाहती हूं.’ इसके बाद सदन की बैठक सुचारू रूप से आगे बढ़ी.