संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन से पहले वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी के खिलाफ नए सिरे से कदम उठाने और विश्व नेताओं पर दबाव बनाने के लिए यूरोप और एशिया में लाखों लोग सड़कों पर उतरे. पीटीआई के मुताबिक दिल्ली में करीब 50 स्कूलों और कॉलेज के छात्रों ने हाथ में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए पर्यावरण मंत्रालय की ओर मार्च किया. साथ ही उन्होंने सरकार से पर्यावरण आपातकाल घोषित करने की मांग भी की.

जर्मनी की राजधानी बर्लिन के मशहूर स्थल ‘ब्रांडेनबर्ग गेट’ पर भी हजारों लोग तख्तियां लिए नजर आए. इन पर लिखा था, ‘एक ग्रह, एक लड़ाई.’ ‘फ्राइडेस फॉर फ्यूचर’ नाम के के ताजा प्रदर्शन में जर्मनी के 500 से अधिक शहरों में करीब साढ़े छह लाख लोगों ने प्रदर्शन किया और बढ़ते तापमान के खिलाफ आवाज उठाई. स्पेन के मैड्रिड में 17,00 लोग इकट्ठा हुए. यहीं अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन का आयोजन होगा. यह आयोजन दो से 13 दिसंबर तक चलेगा. भारत की तरफ से इसमें केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर हिस्सा लेंगे.

हालैंड के 15 शहरों में भी प्रदर्शन जारी है. एम्स्टर्डम में एक पदयात्रा का आयोजन किया गया जहां प्रदर्शनकारियों ने जलवायु संकट के पीड़ितों के लिए मौन भी रखा. अमेरिका और कनाडा में भी लोग सड़कों पर उतरे.