केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सियाचिन ग्लेशियर में शनिवार को हिमस्खलन की चपेट में आने से सेना के दो जवान शहीद हो गये. भारतीय सेना के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी.

पीटीआई के मुताबिक श्रीनगर में सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि सेना का गश्ती दल दक्षिणी सियाचिन ग्लेशियर में लगभग 18,000 फुट की ऊंचाई पर गश्त कर रहा था, जब शनिवार तड़के यह हिमस्खलन की चपेट में आ गया.

उन्होंने कहा कि एक हिमस्खलन बचाव दल (एआरटी) तुरंत वहां पहुंचा और टीम के सभी सदस्यों का पता लगाने और उन्हें बाहर निकालने में कामयाब रहा. दल के साथ ही जवानों को बचाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों की भी सेवाएं ली गयीं.

सेना के प्रवक्ता का आगे कहना था, ‘हालांकि, चिकित्सा टीमों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद सेना के दो कर्मियों की जान चली गई.’

इससे पहले बीते 18 नवंबर को भी सियाचिन ग्लेशियर में बड़ा हिमस्खलन हुआ था जिसकी चपेट में आने के कारण सेना के चार जवानों और दो कुलियों की मौत हो गई थी.

सियाचिन ग्लेशियर काराकोरम पर्वत श्रृंखला पर 20 हजार फीट की ऊंचाई पर है. यह दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र है. सर्दियों के मौसम में यहां जवानों का सामना अक्सर बर्फीले तूफान और भू-स्खलन से होता है. पारा भी यहां जवानों का दुश्मन बनता है. इलाके में तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है.