1-मोदी आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं. इस वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में विकास दर 4.5 फीसदी रही. यह पिछले छह साल में इसका सबसे न्यूनतम स्तर है. द प्रिंट हिंदी पर इला पटनाइक बता रही हैं कि सरकार को इस गिरावट को थामने के लिए क्या करना चाहिए.

जीडीपी में गिरावट रोकने का कोई झटपट उपाय क्यों नहीं है

2-बीते हफ्ते इस खबर ने अचानक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी कि कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर बायो से कांग्रेस को जुदा कर दिया है. अब उनके ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि वे केवल एक लोक सेवक और क्रिकेट समर्थक हैं. इस मुद्दे को टटोलता एनडीटीवी पर स्वाति चतुर्वेदी का लेख.

कांग्रेस बनाम सिंधिया? सिंधिया ने नकारा लेकिन चौड़ी होती दिख रही है खाई

3-इसी महीने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र का शिखर सम्मेलन होने वाला है. जलवायु में हो रहे बदलाव के असर पूरी दुनिया में मौसम से लेकर खेती-किसानी तक पर दिख रहे हैं. ऐसे ही एक बदलाव की जानकारी देती बीबीसी पर वेरोनीक ग्रीनवुड की रिपोर्ट.

क्या ग़ायब हो जाने वाला है लाल सेब?

4-वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल जब्बार का बीते महीने निधन हो गया. 1984 में हुए भोपाल गैस कांड में अपने माता-पिता और बड़े भाई को खोने वाले इस शख्स ने निजी क्षति के खिलाफ सामूहिक संघर्ष का रास्ता चुना. जल्द ही वे भोपाल गैस पीड़ितों के संघर्ष का चेहरा बन गए. परिचितों के लिए वे जब्बार भाई थे. इस असाधारण शख्सियत के बारे में वायर हिंदी पर जावेद अनीस का लेख.

अब्दुल जब्बार: भोपाल गैस पीड़ितों के संघर्ष को समर्पित जीवन

5-टिक टॉक आज दुनिया में सबसे ज्यादा डाउनलोड और इस्तेमाल होने वाले एप्स में से एक है. इसके मूल देश चीन से लेकर भारत और अमेरिका तक हर जगह इसके बेशुमार दीवाने हैं. डॉयचे वेले हिंदी पर यह लेख टिक टॉक और उसे चलाने वाले शख्स से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियां देता है.

सबको नचाने वाला ‘टिक टॉक’ खुद किसके इशारों पर नाचता है