दूरसंचार कंपनी वोडाफोन-आइडिया ने रविवार को अपनी सेवाओं की नयी दरें घोषित कीं. इनके तहत तीन दिसंबर यानी आज से उसके विभिन्न कॉल और डेटा प्लान 42 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे. कंपनी चार साल में पहली बार दरें बढ़ा रही है. इसके अलावा कंपनी दूसरे सेवा प्रदाता के नेटवर्क पर की जाने वाली कॉल के लिए छह पैसे प्रति मिनट की दर से शुल्क लेगी. वोडाफोन आइडिया के बाद एयरटेल और रिलायंस जियो ने भी अपनी दरें बढ़ाने की घोषणा की है. यह खबर आज के सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. इसके अलावा महाराष्ट्र में कांग्रेस के नाना पटोले के विधानसभा अध्यक्ष बनने की खबर भी प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. विपक्षी भाजपा ने पहले उनके खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा किया था. लेकिन फिर उसने अपना नाम वापस ले लिया. इसकी वजह बताते हुए पार्टी नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य में विधानसभा अध्यक्ष निर्विरोध चुने जाने की परंपरा रही है.

छत्तीसगढ़ का सारकेगुड़ा मामला : सुरक्षा बलों की फायरिंग में नक्सली नहीं, सात बच्चों सहित 17 ग्रामीण मारे गए थे!

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सारकेगुड़ा कांड की जांच कर रहे न्यायिक आयोग की रिपोर्ट कथित रूप से लीक हो गई है. दैनिक जागरण के मुताबिक इसमें कहा गया है कि सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने नक्सल ऑपरेशन के नाम पर 17 ग्रामीणों को एकतरफा फायरिंग में मार डाला था. इनमें सात बच्चे भी शामिल थे. यह घटना बीजापुर जिले के बासागुड़ा स्थित सारकेगुड़ा गांव में 28 और 29 जून 2012 को हुई थी. पुलिस मारे गए ग्रामीणों को नक्सली बता रही थी, लेकिन ग्रामीण विरोध में उतर आए थे. जुलाई 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस सिलसिले में एक न्यायिक जांच आयोग बनाया. जबलपुर हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश वीके अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोग ने जांच शुरू की. रिपोर्ट 17 अक्टूबर 2019 को सरकार को सौंपी जा चुकी है.

हैदराबाद गैंगरेप मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालत बनाई गई

हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर से सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले की सुनवाई एक फास्ट ट्रैक अदालत करेगी. हिंदुस्तान के मुताबिक तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कल ये ऐलान किया. इस घटना पर देश भर में आक्रोश के बीच तीन पुलिसकर्मियों को मामले में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है. आरोप है कि उन्होंने एफआईआर दर्ज करने में देर की. इस मामले में चार आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं. उधर, पीड़ित परिवार से मिलने गए नेताओं को कल गुस्साए लोगों ने बैरंग लौटा दिया.

बीसीसीआई ने नियमों में बदलाव किया, सौरव गांगुली 2024 तक अध्यक्ष रह सकते हैं

बीसीसीआई ने पदाधिकारियों के कार्यकाल के नियम में बदलाव किया है. इससे पूर्व कप्तान और मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली का कार्यकाल 2024 तक बढ़ सकता है. दैनिक भास्कर के मुताबिक इन बदलावों की सिफारिश रविवार को मुंबई में हुई बीसीसीआई की आम सभा में की गई. बोर्ड नियमों में बदलाव की सिफारिशों को अब सुप्रीम कोर्ट को भेजेगा जिसे इस पर अंतिम फैसला करना है. अगर सुप्रीम कोर्ट बदलाव को मंजूरी नहीं देता है तो सौरव गांगुली को जुलाई 2020 में अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा.