हैदराबाद में एक डॉक्टर के साथ सामूहिक बलात्कार और फिर उसकी हत्या के मामले की गूंज आज राज्यसभा में भी सुनाई दी. समाजवादी पार्टी सांसद जया बच्चन ने कहा कि अगर सरकार महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे सकती तो ऐसे गुनहगारों को जनता के हवाले कर दिया जाना चाहिए. पीटीआई के मुताबिक उनका कहना था, ‘बलात्कार के दोषियों के साथ किसी तरह की नरमी नहीं की जानी चाहिए. उन्हें सख्त सजा दी जानी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई सार्वजनिक तौर पर होनी चाहिए.’

उधर, कांग्रेस के मोहम्मद अली खान ने कहा कि बलात्कार के दोषियों के खिलाफ सुनवाई की समय सीमा तय की जानी चाहिए. उनका यह भी कहना था कि सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में होनी चाहिए और इस तरह की घटनाओं को सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए. आरजेडी के प्रो मनोज कुमार झा ने कहा, ‘इस तरह की दरिंदगी की घटनाओं पर राजनीतिक रुख नहीं रखा जाना चाहिए. ऐसी घटनाएं मानसिकता का भी सवाल उठाती हैं.’

भाजपा के आर के सिन्हा ने कहा, ‘आए दिन, देश के विभिन्न हिस्सों से इस तरह की घटनाओं की खबरें सुनने को मिलती हैं. आखिर हमारे संस्कार और शिक्षा कहां हैं?’ उनका आगे कहना था, ‘हमारी कानून-व्यवस्था ऐसी है कि मामले की सुनवाई के बाद मृत्युदंड की सजा सुनाई जाती है और फिर अपीलों तथा दया याचिका का सिलसिला चल पड़ता है. निर्भया के मामले में यही हुआ.’

अन्नाद्रमुक की विजिला सत्यानंद ने कहा, ‘महात्मा गांधी ने कहा था कि जब आधी रात को महिलाएं बिना किसी डर के आ जा सकेंगी, तब ही वास्तविक स्वतंत्रता होगी.’ विजिला ने नशीली दवाओं को इस तरह की घटनाओं का एक कारण बताते हुए इन पर रोक लगाने, बलात्कार के मामलों की शीघ्र सुनवाई करने, दोषी को मृत्युदंड देने और सजा पर तामील की भी मांग की.

आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने कहा कि निर्भया मामले में पूरा देश सड़कों पर उतर आया था और कड़े कानून बनाए गए थे, लेकिन इन कानूनों पर सख्ती से अमल भी होना चाहिए. उनका कहना था, ‘आज तक निर्भया की मां न्याय के लिए तरस रही हैं और लगभग हर दिन ऐसी घटनाएं होती ही जा रही हैं.’

हैदराबाद के एक सरकारी अस्पताल में बतौर सहायक पशु चिकित्सक काम करने वाली एक 25 वर्षीय महिला का अधजला शव शादनगर में 28 नवंबर को एक पुल के नीचे मिला था. इससे एक दिन पहले वह लापता हो गई थी. इस मामले में 20 से 24 साल की उम्र के चार लोगों को 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया. फिलहाल ये सभी न्यायिक हिरासत में हैं.