सरकार लंदन, हांगकांग, दुबई और ब्रसेल्स में सीमा शुल्क खुफिया अधिकारियों की नियुक्ति के लिए योग्य अधिकारियों की तलाश में है. विदेशों में इन अधिकारियों की नियुक्ति का मकसद व्यापार आधारित मनी लॉन्डरिंग और अन्य अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना है. पीटीआई के मुताबिक अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने तीन स्थानों के लिए विदेश में सीमा शुल्क खुफिया नेटवर्क (कॉइन) अधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. डीआरआई सीमा शुल्क धोखाधड़ियों और तस्करी पर नजर रखने वाली शीर्ष एजेंसी है.

दुबई और हांगकांग में इन अधिकारियों की नियुक्ति भारतीय वाणिज्यदूतावास में वाणिज्य दूत के तौर पर की जाएगी. वहीं लंदन और ब्रसेल्स के भारतीय उच्चायोग में इनकी नियुक्ति प्रथम सचिव के तौर पर की जाएगी. वैसे यह पहली दफा नहीं है जब लंदन या अन्य स्थानों पर कॉइन अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है. इस साल की शुरुआत में सरकार ने बीजिंग दूतावास और गुआंगझोऊ के भारतीय वाणिज्य दूतावास में कॉइन अधिकारियों की नियुक्ति की थी.

टोयोटा किर्लोस्कर की बिक्री नवंबर में 19 फीसदी घटी

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाहनों की बिक्री नवंबर में 18.86 फीसदी घट कर 9,241 इकाई रही. पीटीआई के मुताबिक कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी है. कंपनी ने पिछले साल इसी माह 11,390 वाहन बेचे थे. इस दौरान इसके निर्यात में 38.86 फीसदी की बढ़ोतरी हुए और यह बढ़ कर 929 इकाई तक पहुंच गया. एक साल पहले इसी माह यह आंकड़ा था 669. घरेलू बाजार में सुस्ती के बारे में कंपनी का कहना है कि वह विनिर्माण प्रक्रिया में सुधार करते हुए प्रदूषण मानक बीएस6 को अपनाने जा रही है, इसलिए दिसंबर तक फिलहाल पुराना स्टॉक निकाला जा रहा है.

विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां नवंबर में बढ़ी, पर धीमापन बरकरार

देश में विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में नवंबर में थोड़ा सुधार हुआ है. लेकिन नए आर्डर और उत्पादन में गहमा-गहमी की कमी से कुल मिला कर इस क्षेत्र की वृद्धि दर अभी धीमी बनी हुई है. पीटीआई के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी है. आईएचएस मार्केट इंडिया मैन्यूफैक्चरिंग का परचेजिंग मैनेजर्स सूचकांक (पीएमआई) नवंबर में बढ़ कर 51.2 रहा. अक्टूबर में पीएमआई 50.6 अंक पर था जो इसका बीते दो साल में न्यूनतम स्तर था. सूचकांक का 50 से ऊपर होना उत्पादन में विस्तार का सूचक होता है. आईएचएस मार्केट की प्रधान अर्थशास्त्री पोलियाना डी लीमा ने कहा, ‘ विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अक्टूबर में हल्की पड़ने के बाद नवंबर में उत्साहजनक रूप से तेज हुई है. लेकिन अब भी कारखानों के आर्डर, उत्पादन और निर्यात में बढोतरी 2019 की शुरुआत की तुलना में बहुत पीछे है.’