‘कांग्रेस पार्टी के नेता ही घुसपैठिये हैं.’  

— प्रहलाद जोशी, भाजपा नेता और संसदीय कार्य मंत्री

प्रहलाद जोशी ने यह बात कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के उस बयान पर कही जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को घुसपैठिया कहा था. माना जा रहा है कि उन्होंने ये बात परोक्ष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संदर्भ में कही. अधीर रंजन चौधरी ने कल लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह घुसपैठिए हैं जो गुजरात से दिल्ली आए हैं.

‘अदालत ने हमें इसका अधिकार दिया है और पुनर्विचार याचिका दायर की ही जानी चाहिए.’  

— मौलाना अरशद मदनी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मुखिया यह बयान अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के बाद आया. बीते महीने शीर्ष अदालत के फैसले के बाद से यह पहली पुनर्विचार याचिका है. अपने इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित जमीन हिंदू पक्ष को देने का आदेश दिया था. उसने यह भी कहा था कि मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में ही किसी मुख्य जगह पर पांच एकड़ जमीन दी जाए. जमीयत के मुखिया मौलाना अरशद मदनी ने दावा किया है कि देश की मुस्लिम आबादी का ज्यादातर हिस्सा इस फैसले के खिलाफ है.


‘भविष्य के लिए आत्मचिंतन करने की ज़रूरत है और यह 12 दिसंबर को पिता गोपीनाथ मुंडे की जयंती पर किया जाएगा.’  

— पंकजा मुंडे, भाजपा नेता

पंकजा मुंडे महाराष्ट्र भाजपा के प्रमुख नेताओं में से एक हैं. उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि राज्य भाजपा इकाई में सब कुछ ठीक नहीं है. इससे पहले पंकजा मुंडे ने अपने ट्विटर बायो से भाजपा का जिक्र हटा दिया था. इससे ये कयास लगने शुरू हो गए कि क्या पंकजा मुंडे पार्टी को अलविदा कहने वाली हैं. हालांकि महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने इन अटकलों को खारिज किया है.


‘अगर सरकार महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे सकती तो बलात्कारियों को जनता के हवाले कर दिया जाना चाहिए.’    

— जया बच्चन, राज्यसभा सांसद

हैदराबाद में एक डॉक्टर के साथ सामूहिक बलात्कार और फिर उसकी हत्या के मामले की गूंज आज संसद में भी सुनाई दी. राज्यसभा में सपा सांसद जया बच्चन का यह भी कहना था कि बलात्कार के दोषियों के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए. तमाम पार्टियों के सांसदों ने ऐसे मामलों में सुनवाई की समय सीमा तय करने की बात भी कही. सांसद इस पर भी एकराय थे कि ऐसी घटनाओं को सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए.