छोटी-छोटी कोशिशों का महत्व बताने वाला एक किस्सा अक्सर सुना-सुनाया जाता है. एक बार एक आदमी समंदर किनारे खड़ा होकर देख रहा था कि लहरें जितनी बार किनारे पर आतीं ढेर सारी मछलियां उनके साथ बहकर आ जातीं और किनारे पर ही छूटकर तड़पने लगतीं. थोड़ी देर बाद आदमी ने उन मछलियों को उठा-उठाकर वापस समंदर में फेंकना शुरू कर दिया. इस पर किसी ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि ऐसे फेंकने से कुछ फर्क नहीं पड़ेगा, तुम ऐसे कितनी मछलियों की जान बचा पाओगे. जवाब में आदमी ने एक और मछली उठाकर समंदर में डाल दी और कहा, इसे फर्क पड़ेगा और मैंने इस एक की जान बचा ली. यहां पर यह जानना दिलचस्प लग सकता है कि यह किस्सा ट्विटर पर मौजूद एक अकाउंट पर, जरा घूमकर ही सही लेकिन पूरी तरह से लागू होता है. घूमकर इसलिए कि यहां पर (बुरी) मछलियों को समंदर में डालने के बजाय बाहर निकाला जा रहा है.

इस ट्विटर अकाउंट का नाम है भक्त्स नाइटमेयर (Bhakt’s Nightmare). अप्रैल में शुरू हुए इस अकाउंट ने अब तक करीब छह सौ से ज्यादा ट्विटर अकाउंट बंद करवाए हैं. यानी हर दो दिन में करीब पांच अकाउंट. इनमें से ज्यादातर वे हैं जो सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करने या हत्या और बलात्कार की धमकी देने जैसे काम करते थे. एक फर्जी नाम वाले अकाउंटधारी का ऐसा करना इस तरह भी देखा जा सकता है कि बगैर अपनी पहचान बताए नाइटमेयर, सोशल मीडिया ट्रोल्स को उन्हीं की भाषा में जवाब दे रहा है.

भक्त्स नाइटमेयर का ट्विटर प्रोफाइल

देश के एक प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ाई कर रहे नाइटमेयर के संचालक की सुरक्षा का ख्याल करते हुए हम यहां पर उनकी पहचान के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दे रहे हैं. लेकिन उनकी सुरक्षा के साथ-साथ अपनी सुविधा को ध्यान में रखते हुए हम उन्हें एक नाम दे देते हैं - राहुल. ट्रोल अकाउंट्स को बंद करवाने का यह सिलसिला कैसे शुरू हुआ, इसका जवाब राहुल बड़े उत्साह से हमें देते हैं. वे कहते हैं, ‘शुरूआत में यह एकदम व्यक्तिगत मामला था. जब मैं अपनी ओरिजिनल आईडी से ट्विटर पर था तो जो भी मेरे साथ गाली-गलौज करता था. मैं उसकी रिपोर्ट कर देता था. यह अच्छी बात है कि इस तरह की किसी भी रिपोर्ट पर ट्विटर तुरंत कार्रवाई करता है और ऐसे अकाउंट्स को सस्पेंड कर देता है. धीरे-धीरे मैं पैटर्न समझ गया तो मुझे लगा, मैं इसका इस्तेमाल ट्विटर को बेहतर जगह बनाने के लिए भी कर सकता हूं.’ राहुल के मुताबिक पहले उन्हें इस तरह के खातों को अलग-अलग जुगत लगाकर खोजना पड़ता था लेकिन अब अक्सर लोग खुद ही उन्हें इस तरह के अब्यूजर अकाउंट्स का लिंक भेज देते हैं.

भक्त्स नाइटमेयर द्वारा बंद करवाए गए अकाउंट के बारे में पोस्ट की गई जानकारी
भक्त्स नाइटमेर द्वारा बंद करवाए गए अकाउंट के बारे में पोस्ट की गई जानकारी

राहुल के मुताबिक कई बार वे अकाउंट्स को रिपोर्ट करने के लिए अपने दोस्तों की मदद भी लेते हैं लेकिन ज्यादातर मौकों पर उन्हें यह काम अकेले ही करना पड़ता है. कई बार तो एक ही व्यक्ति के, एक ही तरह के अकाउंट्स उन्हें बार-बार बंद करवाने पड़ते हैं. हर अकाउंट को बंद करने के बाद वे उस अकाउंट के स्क्रीनशॉट्स और उससे जुड़ी कुछ जानकारियां ट्विटर पर पोस्ट भी करते हैं. इन जानकारियों में अकाउंट का नाम, फॉलोअर्स की संख्या, उनकी कैटेगरी और रिपोर्ट किए जाने के कारण बताया जाता है. इन ट्रोल अकाउंट्स की कैटेगरीज़, उनकी खासियतों के आधार पर नाइटमेयर ने खुद ही निर्धारित की हैं - जैसे नमोरोगी, इस्लामोफोब, वुमन अब्यूजर या फेक अकाउंट. इनके अलावा, एक खास कैटिगरी नफरत फैलाने वाले कथित हिंदूवादियों और राष्ट्रवादियों की भी है जिन्हें रेड (RED) यानी राष्ट्रीय एकता दल और रेड (RHED) यानी राष्ट्रीय हिंदू एकता दल में रखा गया है. राष्ट्रीय एकता दल और राष्ट्रीय हिंदू एकता दल, असल में सोशल मीडिया पर मौजूद संगठन हैं जो मुख्य तौर पर राजनीतिक प्रौपगैंडा फैलानी वाली मशीनरी का हिस्सा होने के साथ-साथ उन्माद पैदा करने वाली धर्म से जुड़ी टिप्पणियां भी पोस्ट करते हैं. जहां तक इन अकाउंट्स को रिपोर्ट किए जाने के कारण का सवाल है, यह हर बार लगभग एक ही, यानी नफरत फैलाना या गाली गलौज करना ही होता है.

रिपोर्ट लिखे जाने तक भक्त्स नाइटमेयर द्वारा बंद करवाया गया आखिरी अकाउंट

महज एक ट्विटर अकाउंट के जरिए, कम से कम अपने आस-पास के वर्चुअल माहौल को स्वस्थ बनाए रखने की एक युवा की यह कोशिश तारीफ के काबिल है. अक्सर हम और आप सोशल मीडिया पर गाली देने वालों को नज़रअंदाज कर आगे बढ़ जाने का विकल्प अपनाते हैं. जबकि महज दस सेकंड खर्च कर किए गए दो-चार क्लिक्स कई बार एक बड़ा फर्क लाने की कुव्वत रखते हैं. भक्त्स नाइटमेयर का उदाहरण यह भी बताता है कि अगर सोशल मीडिया पर गलत तरह के लोगों का शिकार बन जाना आसान है तो उनसे छुटकारा पाना और उन्हें सबक सिखाना भी उतना ही आसान है.