हैदराबाद में एक डॉक्टर के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या के मामले की गूंज कल संसद में भी सुनाई दी. सभी सांसदों ने एक होकर इस घटना की निंदा की. राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने कहा कि सरकार अगर महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे सकती तो उसे बलात्कारियों को जनता के हवाले कर देना चाहिए. उधर, सरकार का कहना था कि वह इस तरह की घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए आईपीसी और सीआरपीसी में बदलाव के लिए तैयार है. इस खबर को आज सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इसके अलावा अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पहली पुनर्विचार याचिका दाखिल होने की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में है. यह याचिका जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दाखिल की है.

केंद्र सरकार एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर के पक्ष में नहीं

केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर की व्यवस्था के पक्ष में नहीं है. दैनिक जागरण के मुताबिक सरकार ने कहा कि क्रीमी लेयर का सिद्धांत एससी, एसटी आरक्षण में लागू नहीं होता. सरकार ने इस मामले में शीर्ष अदालत के पिछले साल के फैसले को पुनर्विचार के लिए सात न्यायाधीशों की बड़ी पीठ के पास भेजने का भी अनुरोध किया. पहले एम नागराज केस में और फिर पिछले साल जरनैल सिंह के मामले में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ एससी एसटी को प्रोन्नति में आरक्षण से क्रीमी लेयर को बाहर करने की बात कह चुकी है.

नरेंद्र मोदी ने बेटी को मंत्री बनाने का ऑफर दिया था

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने एक बड़ा बयान दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा है कि जब हाल में विधानसभा चुनावों के नतीजे के बाद महाराष्ट्र में सियासी अनिश्चितता बनी थी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें एक ऑफर दिया था. शरद पवार के शब्दों में ‘पीएम मोदी ने कहा था कि मेरा राजनीतिक अनुभव उनके लिए सरकार चलाने में सहायक होगा. उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीयता के कुछ मुद्दों पर हमारी सोच एक जैसी है. इसके लिए उन्होंने प्रस्ताव भी दिया था.’ शरद पवार के मुताबिक नरेंद्र मोदी ने उनके सामने उनकी बेटी सुप्रिया सुले को कैबिनेट मंत्री बनाने की पेशकश भी की थी जो उन्होंने ठुकरा दी. शरद पवार ने उन खबरों को भी खारिज किया कि मोदी सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति पद का प्रस्ताव दिया था.

प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षा में सेंध

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षा में सेंध की खबर है. दैनिक भास्कर के मुताबिक मामला 26 नवंबर का है. एक अनजान गाड़ी प्रियंका के घर में घुस गई थी जिसमें तीन महिलाएं, तीन पुरुष और एक बच्चा सवार था. ये सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे और मेरठ से आए थे. जब ये प्रियंका गांधी के घर में दाखिल हुए तो वे उस वक्त एक बैठक ले रही थीं. पूछने पर इन लोगों ने खुद को कांग्रेस महासचिव का फैन बताया और उनके साथ सेल्फी लेने की इच्छा जाहिर की. बाद में प्रियंका गांधी के कार्यालय ने इसकी शिकायत की. इसके बाद उनकी पूरी सुरक्षा टीम बदल दी गई है.