पूर्व वित्त मंत्री और इन दिनों आईएनक्स मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में बंद पी चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है. आज एक ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘जीडीपी के आंकड़ों का महत्व नहीं है, पर्सनल टैक्स में कटौती होगी, आयात शुल्क बढ़ेगा. भाजपा के लिए सुधारों का मतलब यह है. भारत की अर्थव्यवस्था को भगवान बचाए.’

पी चिदंबरम की तरफ से इन दिनों उनके परिवार के सदस्य ट्वीट करते हैं. उनके ताजा ट्वीट का संबंध झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बयान से जोड़ा जा रहा है जिन्होंने जीडीपी की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया है. कल संसद में निशिकांत दुबे ने कहा कि देश के विकास को मापने का पैमाना जीडीपी 1934 में आया और इससे पहले ऐसा कोई पैमाना नहीं हुआ करता था. इसके साथ ही उनका कहना था कि जीडीपी को बाइबल, रामायण या महाभारत मान लेना सत्य नहीं है. उन्होंने दावा किया कि भविष्य में जीडीपी का कोई बहुत खास उपयोग नहीं होगा. भाजपा सांसद ने कहा कि जीडीपी की जगह यह जानना जरूरी है कि आम लोगों का सतत आर्थिक विकास हो रहा है या नहीं.

बीते शुक्रवार को आए आंकड़े बताते हैं कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 4.5 फीसदी रह गई है. यह पिछले छह साल में इसका न्यूनतम स्तर है. इसके बाद से मोदी सरकार पर विपक्ष के हमले तेज हो गए हैं.