अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर लगाई जा रहीं अटकलों पर चुप्पी तोड़ते हुए भाजपा नेता पंकजा मुंडे ने कहा है कि वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं. पंकजा ने रविवार को अपने ट्विटर बायो से भाजपा और अपने राजनीतिक सफर का विवरण हटा दिया. उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में ये भी कहा था कि वे जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर मंथन करेंगी. इसके बाद से ही उनके भाजपा छोड़ने की अफवाहों को बल मिल गया था.

पीटीआई के मुताबिक मंगलवार को पंकजा ने दक्षिण मुंबई के मालाबार हिल स्थित अपने आवास पर भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े, राम शिंदे और विधायक बबनराव लोणीकर से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने उन अफवाहों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि उनके ट्विटर परिचय से भाजपा शब्द को हटाने का मकसद अपनी पार्टी पर दबाव बनाना था. पंकजा मुंडे ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैं पार्टी नहीं छोड़ रही हूं. दलबदल मेरे खून में नहीं है.’

इस मसले पर विनोद तावड़े का कहना था, ‘रविवार को उनके फेसबुक पोस्ट का विरोधियों ने गलत मतलब निकाला, इसलिए वह बहुत आहत थीं. उन्होंने खुद मुझे बताया कि वह पार्टी से नाखुश नहीं हैं.’

बीते रविवार को पंकजा मुंडे ने मराठी में लिखी अपनी एक फेसबुक पोस्ट में कहा था, ‘राज्य में बदले राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए यह सोचने और निर्णय लेने की आवश्यकता है कि आगे क्या किया जाए. मुझे स्वयं से बात करने के लिए आठ से 10 दिन की आवश्यकता है. मौजूदा राजनीतिक बदलावों की पृष्ठभूमि में भविष्य की यात्रा पर फैसला किए जाने की आवश्यकता है.’

उन्होंने आगे कहा था, ‘अब क्या करना है? कौन सा मार्ग चुनना है? हम लोगों को क्या दे सकते हैं? हमारी ताकत क्या है? लोगों की अपेक्षाएं क्या हैं? मैं इन सभी पहलुओं पर विचार करूंगी और आपके सामने 12 दिसंबर को आऊंगी.’