इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्वामी चिन्मयानंद मामले में पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की आरोपी छात्रा को जमानत दी दी है.

पीटीआई के मुताबिक बुधवार को न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने संबंधित पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद शाहजहांपुर की कानून की छात्रा की जमानत की अर्जी मंजूर कर ली. अदालत ने कहा कि इस मामले में पुलिस पहले ही जांच पूरी कर चुकी है और छात्रा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है.

अदालत के मुताबिक राज्य सरकार ने ऐसी कोई उचित आशंका नहीं जताई है जिससे यह साबित हो सके कि छात्रा को जमानत पर रिहा किए जाने पर वह मुकदमे की सुनवाई में विलंब कर सकती है. इसलिए उसे आगे और हिरासत में रखने की कोई जरूरत नहीं है.

चिन्मयानंद के अधिवक्ता ने विधि छात्रा की जमानत की अर्जी का इस आधार पर विरोध किया कि उसने जासूसी कैमरा छिपा रखा था जिसका उपयोग स्वामी चिन्मयानंद की वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए किया गया. वहीं, छात्रा के वकील ने दलील दी कि छात्रा यौन शोषण की शिकार है और उसके खिलाफ सभी आरोप मनगढंत हैं. वकील ने कहा कि चिन्मयानंद ने लंबे समय तक कानून की छात्रा का यौन शोषण किया.

बीते सितम्बर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी गयी थी. एसआईटी ने 20 सितम्बर को कानून की छात्रा का यौन शोषण करने के आरोप में चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया था.

इसके बाद जांच दल ने चिन्मयानंद की शिकायत पर लॉ की छात्रा और उसके तीन मित्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें भी जेल भेज दिया था. चिन्मयानंद की शिकायत थी कि छात्रा और उसके मित्रों ने उनसे पांच करोड़ रुपये की मांग की थी और आपत्तिजनक वीडियो जारी करने की धमकी दी थी.