पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ के खिलाफ देशद्रोह मामले में 17 दिसंबर को फैसला सुनाया जाएगा. एक विशेष अदालत ने गुरुवार को इसकी घोषणा की. मुशर्रफ पर तीन नवंबर 2007 को आपातकाल लगाने के लिए देशद्रोह का मामला चल रहा है.

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने दुबई में रह रहे परवेज मुशर्रफ और पाकिस्तान सरकार की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विशेष अदालत को 28 नवंबर को फैसला सुनाने से रोक दिया था. इसके बाद, पिछले सप्ताह विशेष अदालत ने 76 वर्षीय मुशर्रफ को देशद्रोह मामले में पांच दिसंबर को बयान रिकार्ड कराने के लिए कहा था. इसके बाद नयी अभियोजन टीम के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें मामले की तैयारी के लिए और समय की जरूरत है. ‘डॉन न्यूज’ के मुताबिक, अदालत ने कार्यवाही 17 दिसंबर तक स्थगित करते हुए कहा कि वे अगली सुनवाई पर दलीलें सुनेंगे और फैसला सुनाएंगे.

पाकिस्तान की पूर्व मुस्लिम लीग नवाज सरकार ने यह मामला 2013 में दर्ज कराया था. दिसंबर 2013 में उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ. इसके बाद 31 मार्च 2014 को मुशर्रफ आरोपी करार दिए गए और उसी साल सितंबर में अभियोजन ने सारे साक्ष्य विशेष अदालत के सामने रखे. लेकिन, अपीलीय मंचों पर याचिकाओं के कारण पूर्व सैन्य शासक के मुदकमे में देरी हुई और वह शीर्ष अदालतों और गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद मार्च 2016 में पाकिस्तान से बाहर चले गए. पाकिस्तानी मीडिया की खबरों में बताया गया था कि मुशर्रफ एक दुर्लभ किस्म की बीमारी अमिलॉइडोसिस से पीड़ित हैं. इस बीमारी के कारण बची हुई प्रोटीन शरीर के अंगों में जमा होने लगती है. दुबई में वह इस बीमारी का इलाज करा रहे हैं.