वोडाफोन-आइडिया की बदहाल माली हालत फिर सुर्खियों में है. कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला का कहना है कि सरकार ने कोई राहत नहीं दी तो वोडाफोन-आइडिया बंद हो जाएगी. उन्होंने कहा कि कंपनी की हालत खराब है और डूबते पैसे में और पैसा लगाने का कोई मतलब नहीं है. इससे पहले इस संयुक्त उपक्रम में सबसे बड़े हिस्सेदार ब्रिटेन के वोडाफोन समूह की तरफ से भी ऐसा ही बयान आया था. समूह के मुखिया निक रीड ने कहा था कि वोडाफोन-इंडिया बंद होने के कगार पर है. हालांकि बाद में उनका बयान आया कि मीडिया में उनके बयान को तोड़मरोड़कर पेश किया गया.

हालिया तिमाही में वोडाफोन-आइडिया को 50 हजार करोड़ रु से ज्यादा का घाटा हुआ है. भारत के इतिहास में किसी कंपनी को एक तिमाही में हुआ यह सबसे ज्यादा घाटा है. कंपनी की खराब हालत के चलते कुमार मंगलम बिड़ला की संपत्ति में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. पिछले दो साल में उनकी संपत्ति 21500 करोड़ रुपये घटकर करीब 43 हजार करोड़ रु पर आ गई.

बिड़ला समूह ने आइडिया को वोडाफोन के साथ मिलाकर के देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बनाई थी. इसके पास 37 करोड़ ग्राहक बताए जाते हैं. ब्लूमबर्ग के मुताबिक वोडाफोन-आइडिया में 45 फीसदी हिस्सेदारी वोडाफोन की है. इसके अलावा कंपनी में ग्रासिम इंडस्ट्री की 12 फीसदी, बिड़ला टीएमटी की एक फीसदी, हिंडाल्को की तीन फीसदी और 11 फीसदी बिड़ला समूह की अन्य कंपनियों की हिस्सेदारी है.