बढ़ते प्रदूषण पर बहस के बीच पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के एक बयान पर विवाद हो सकता है. आज लोकसभा में उन्होंने कहा कि कोई भारतीय अध्ययन नहीं है जो बताता हो कि प्रदूषण से उम्र कम होती है. प्रकाश जावड़ेकर ने यह बात तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष के सवाल पर कही. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसी बातें कहकर डर का माहौल नहीं बनाना चाहिए. काकोली घोष ने पूछा था कि कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि प्रदूषण के चलते लोगों की उम्र साढ़े चार साल तक कम हो रही है और ऐसे में सरकार इस समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है.

उधर, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि प्रदूषण से निपटने के लिए पुराने कानूनों में संशोधन होना चाहिए. इस पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस सुझाव पर विचार किया जा सकता है. इस बीच दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता एक बार फिर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है. बीते महीने इसके बेहद गंभीर हो जाने के चलते कई दिनों के लिए स्कूल बंद करने पड़े थे. इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों पर रोक भी लगा दी गई थी. इस मुद्दे पर प्रभावी तरीके से काम न करने के लिए सुप्रीम कोर्ट कई बार संबंधित सरकारों को फटकार लगा चुका है.