विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने विवादास्पद स्वयंभू बाबा नित्यानंद का पासपोर्ट रद्द कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि नित्यानंद के नए पासपोर्ट के बारे में दाखिल याचिका भी खारिज कर दी गई है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने यह भी कहा कि मंत्रालय ने विदेशों में स्थित सभी मिशनों और पोस्टों को नित्यानंद के बारे में सतर्क कर दिया है. नित्यानंद के मौजूदा ठिकाने के बारे में विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस बारे में अभी कयास लगाना बहुत मुश्किल है.

दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे स्वयंभू बाबा नित्यानंद के बारे में इस तरह की खबरें आईं थीं कि उन्होंने दक्षिण अमेरिका में इक्वाडोर के पास एक द्वीप खरीदा है और उसका नाम कैलासा रखा है. इसका दावा नित्यानंद के समर्थकों द्वारा चलाई जा रही वेबसाइट में किया गया था. हालांकि, इक्वाडोर ने इस बारे में अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि नित्यानंद को न तो इक्वाडोर में शरण दी गई है और न ही उसे कोई जमीन या द्वीप खरीदने के लिए किसी तरह की कोई मदद की गई है. इस बयान में यह भी कहा गया था कि किसी के द्वारा वेबसाइट चलाना और देश गठित करना दोनों अलग-अलग बातें हैं.

नित्यानंद फिलहाल कहां है, इसकी जानकारी नहीं है. सूत्रों का मानना है कि जिस वेबसाइट पर कैलासा देश का दावा किया जा रहा है, वह अमेरिका में किसी जगह से चलाई जा रही है.