हैदराबाद में हुए सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के आरोपितों को कल पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया. यह खबर आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. बताया जा रहा है कि इन्होंने पुलिस के हथियार छीनकर उस पर हमला कर दिया था. हालांकि पुलिस की इस थ्योरी पर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं. इसके अलावा नागरिकता संशोधन विधेयक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान भी कई अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विेधेयक के कानून बन जाने पर पड़ोसी देशों में उत्पीड़न झेल रहे ऐसे लोगों को राहत मिलेगी जिनकी भारत में आस्था है.

पुरुषों के साथ भेदभाव पर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चिंता जताई

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा कानून में पुरुषों के साथ भेदभाव पर चिंता जताते हुए सवाल उठाया है कि किसी महिला द्वारा शिकायत करने पर पुरुष को तुरंत ही क्यों दोषी मान लिया जाता है. दैनिक जागरण के मुताबिक हाई कोर्ट ने कहा कि शिकायत मिलते ही ट्रायल कोर्ट भी आरोपित को अपराधी समझने लगता है और अक्सर शुरुआती दौर में ही गिरफ्तारी के लिए वारंट तक जारी कर दिया जाता है. अदालत का कहना था कि यह स्थिति ठीक नहीं है. उसके मुताबिक जज को ऐसे मामलों में यह प्रयास करना चाहिए कि किसी प्रकार विवाद का निपटारा हो जाए और प्रतिवादी को भी न्याय मिल सके.

सीबीआई ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के खिलाफ मामला दर्ज किया

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला को नामजद किया है. जस्टिस शुक्ला पर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए कथित तौर पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों का पक्ष लेने का आरोप है. जांच एजेंसी ने कल उनके लखनऊ स्थित आवास पर छापामारी भी की. नवभारत टाइम्स के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आईएम कुद्दूसी सहित कई अन्य को भी मामले में नामजद किया है.

अयोध्या मामले में छह नई पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल

अयोध्या मामले में फैसला आने के बाद यह मामला दोबारा सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर पहुंच चुका है. हिंदुस्तान के मुताबिक मामले में शुक्रवार को छह नई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं. याचिकाओं में कहा गया है कि जमीन के मालिकाना हक वाले इस मामले में अन्याय हुआ है. इस मामले में पहली पुनर्विचार याचिका जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दाखिल की थी. उधर, हिंदू महासभा ने भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका याचिका दाखिल किए जाने का फैसला लिया है. हिंदू महासभा सुप्रीम कोर्ट में सुन्नी वक्फ़ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन दिए जाने का विरोध करेगी.