अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा पर लगाई रोक हटाने से इनकार कर दिया है. इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौत की सजा को जल्द से जल्द बहाल करने की योजना पर पानी फिर गया है. अमेरिकी सरकार ने 1988 में मौत की सजा बहाल की थी और आखिरी बार वहां 16 साल पहले मृत्युदंड दिया गया था. 1988 से लेकर अभी तक केवल तीन बार मौत की सजा दी गई है.

अमेरिकी न्याय विभाग संघीय अपराधों के लिए मौत की सजा बहाल करना चाहता है. पीटीआई के मुताबिक अगला मृत्युदंड सोमवार को होना था. इसके तहत श्वेत वर्चस्व की विचारधारा को मानने वाले डेनियल लुईस को आठ साल की बच्ची समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या करने के मामले में मौत की सजा दी जानी है. यह जघन्य वारदात 1996 में हुई थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अभी इस पर लगी रोक हटाने से इनकार कर दिया.

अमेरिका की संघीय जेलों में 62 कैदी मौत की सजा का इंतजार कर रहे हैं. इनमें इस्लामी कट्टरपंथी झोखर सारनाएव भी शामिल है. उसे अदालत ने 2013 की बॉस्टन मैराथन बॉम्बिंग का दोषी माना था. इस आतंकी घटना में तीन लोगों की जान गई थी.