‘अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार और भी उपायों पर काम कर रही है.’

— निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री

निर्मला सीतारमण ने यह बात दिल्ली में एक आयोजन में कही. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को संभालने के लिये अगस्त और सितंबर के दौरान कई उपाय किये हैं. निर्मला सीतारमण के मुताबिक अतिरिक्त सरकारी बैंकों ने उपभोग को बढ़ावा देने के लिये पिछले दो महीने में करीब पांच लाख करोड़ रुपये के कर्ज दिए हैं

‘यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए.’  

— प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस महासचिव

प्रियंका गांधी ने यह बात उन्नाव बलात्कार पीड़िता की मौत के बाद कही. उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश सरकार की नाकामी भी बताया. प्रियंका गांधी पीड़ित परिवार से मिलने उन्नाव भी पहुंचीं. उन्नाव की इस महिला को बलात्कार के आरोपितों ने आग लगा दी थी. उसे 90 फीसदी झुलसी हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लाया गया था जहां कल उसने दम तोड़ दिया.


‘हमें पाकिस्तान जैसे पड़ोसी से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.’ 

— राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह बात देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि कई युद्धों में भारत के हाथों शिकस्त खाने के बावजूद पाकिस्तान आतंकवाद की सरकारी नीति पर चलता है. राजनाथ सिंह का यह भी कहना था कि पाकिस्तान में चरमंपथी तत्व इतने मजबूत हैं कि राजनीति के केंद्र में बैठे लोग उनके हाथों की कठपुतलियों से ज्यादा कुछ नहीं लगते.


‘विश्व बैंक चीन को पैसा क्यों दे रहा है?’

— डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात विश्व बैंक द्वारा चीन को कर्ज दिए जाने का विरोध करते हुए कही. उन्होंने कहा कि इस एशियाई महाशक्ति के पास पहले से ही काफी पैसा है और उसे अपनी परियोजनाओं के लिए पैसे की व्यवस्था खुद करनी चाहिए. इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप के वित्त मंत्री स्टीवन मेनुचिन ने भी ऐसी ही बात कही थी.