कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध किया है. कैप्टन का कहना है कि नागरिकता संशोधन विधेयक भारत की लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है और इसलिए वह इसका विरोध करते हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अपना यह विरोध जताया.

पीटीआई के मुताबिक उन्होंने नागरिकता संशोधन विधेयक और नेशनल रजिस्टर फॉर सिटिजन यानी एनआरसी दोनों को ही गलत बताया. कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना था कि पंजाब किसी हालत में नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूर नहीं करेगा, क्योंकि यह भी एनआरसी की तरह लोकतंत्र की भावना के विपरीत है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब में इसे लागू नहीं किया जाएगा.

पंजाब देश के सीमावर्ती राज्यों में शामिल है. भारत-पाकिस्तान सीमा का एक लंबा हिस्सा पंजाब से लगता है और पाकिस्तान जाने का सबसे प्रमुख रास्ता भी पंजाब में ही है. इसी वजह से नागरिकता संशोधन विधेयक और एनआरसी जैसे मुद्दों पर इस सूबे की सरकार का नजरिया काफी महत्वपूर्ण हो जाता है.

बीते बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है. इस विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से शरणार्थी के तौर पर आए उन गैर मुसलमानों को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है जिन्हें धार्मिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा हो.

ऐसी संभावना है कि इसे संसद के चालू सत्र में सोमवार को लोकसभा में पेश किया जायेगा. हालांकि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह भारत को कट्टरवाद की तरफ ले जाने वाला कदम है. पूर्वोत्तर के राज्यों में भी नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध हो रहा है. वहां कई संगठनों का कहना है कि इससे मूल निवासियों के लिए खतरा पैदा हो जाएगा.