दिल्ली में एक फैक्ट्री में लगी आग से 43 मजदूरों के मारे जाने की खबर आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. यह फैक्ट्री राष्ट्रीय राजधानी के बीचों बीच स्थित रानी झांसी रोड पर थी. हादसे की वजह शॉट सर्किट बताई जा रही है. यह फैक्ट्री अवैध रूप से चलाई जा रही थी. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को भी कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है जिसमें उन्होंने पुलिस की छवि सुधारने की जरूरत बताई है. दिल्ली में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए प्रभावी पुलिसिंग की जरूरत है.

आर्थिक सुस्ती के लिए पीएमओ जिम्मेदार : रघुराम राजन

चर्चित अर्थशास्त्री और रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अर्थव्यवस्था में सुस्ती के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ को जिम्मेदार बताया है. नवभारत टाइम्स के मुताबिक उन्होंने कहा है कि मंत्रियों के पास कोई शक्ति नहीं है और सारे फैसले पीएमओ से लिये जाते हैं. रघुराम राजन का कहना था कि योजनाओं पर सिर्फ पीएमओ द्वारा निर्णय लिया जाना राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे के लिहाज से तो ठीक है, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर यह तरीका काम नहीं करता. उनका यह बयान तब आया है जब भारतीय अर्थव्यवस्था ने हाल में छह साल की सबसे कम कम विकास दर दर्ज की है.

नागरिकता संशोधन विधेयक पारित कराने को सरकार ने कमर कसी

आज पेश होने जा रहे नागरिकता संशोधन विधेयक पर राजनीतिक खेमेबंदी की तस्वीर साफ हो गई है. इस विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आने वाले गैरमुस्लिमों के लिए नागरिकता आसान बनाने का प्रावधान है. दैनिक जागरण के मुताबिक बीजेडी जैसे कुछ मित्र दलों के समर्थन के बूते एनडीए सरकार ने विधेयक को पारित कराने की तैयारी कर ली है. वहीं कांग्रेस की अगुआई में अधिकतर विपक्षी दलों ने नागरिकता संशोधन बिल के वर्तमान स्वरूप को देश के लिए खतरनाक बताते हुई इसके विरोध में ताल ठोक दी है. पार्टी रणनीतिकारों के साथ हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूरी ताकत से संसद में इस बिल का विरोध करने पर मुहर लगा दी. सरकार और विपक्ष के रुख को देखते हुए लोकसभा में आज सियासी संग्राम तय माना जा रहा है.

नौ महीने बाद मारुति ने उत्पादन में चार फीसदी की बढ़ोतरी की

देश की नंबर वन कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने नवंबर में अपना उत्पादन 4.33 प्रतिशत बढ़ाया है. दैनिक भास्कर के मुताबिक शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि नवंबर में उसने 1,41,834 वाहनों का उत्पादन किया जबकि एक साल पहले इसी महीने में कंपनी का उत्पादन 1,35,946 इकाई था. इससे पिछले नौ माह के दौरान मांग में कमी की वजह से कंपनी को अपने उत्पादन में कटौती करनी पड़ी थी. ऑटोबोमाइल क्षेत्र पिछले काफी समय से मंदी का सामना करना पड़ रहा है. हाल के दौरान मारुति ही नहीं बल्कि कई दूसरी कंपनियों को भी मांग कम होने के चलते उत्पादन में कटौती करनी पड़ी है.