अत्यधिक रूढिवादी समझे जाने वाले इस्लामी देश सऊदी अरब में अब रेस्तरां और कैफे में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार नहीं होंगे. देश में सामाजिक प्रतिबंधों में ढील देने की पहल को आगे बढ़ाते हुए इस दिशा में एक और कदम उठाया गया है. इससे पहले रेस्तराओं में लंबे समय से अविवाहित पुरुषों के लिए एक प्रवेश द्वार, जबकि दूसरा प्रवेश द्वार महिलाओं एवं परिवारों के लिए होता था.

सऊदी अरब के नगर पालिका एवं ग्रामीण मामलों के मंत्रालय ने रविवार को ट्वीट किया कि ‘अविवाहित पुरुषों के लिए अलग और परिवारों के लिए अलग प्रवेश द्वार’ की आवश्यकता समेत रेस्तरां के लिए कई अनिवार्यताओं को समाप्त किया जा रहा है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रेस्तरां में बैठने संबंधी प्रतिबंधों को भी हटाया जाएगा या नहीं. सऊदी अरब के रेस्तरां में महिलाओं के साथ आने वाले परिवारों के लिए अलग जगह और केवल पुरुषों के लिए एक अलग जगह निर्धारित होती है.

सऊदी युवाओं ने इस नए सुधारात्मक कदम की प्रशंसा की है लेकिन कट्टरपंथियों ने सोशल मीडिया पर इस कदम की निंदा की और इसे ‘शरिया के खिलाफ’ बताया है. सऊदी अरब के शाह मोहम्मद बिन सलमान निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए देश की उदारवादी और कारोबार के अनुकूल छवि बनाना चाहते हैं और इसलिए देश में हाल के समय में कई प्रतिबंधों में ढील दी गई है.